चांद पर 50 साल पहले वैज्ञानिकों ने छोड़े थे ‘मल’, अब उनको वापस लाना चाहती है NASA
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चांद पर 50 साल पहले वैज्ञानिकों ने छोड़े थे ‘मल’, अब उनको वापस लाना चाहती है NASA

नई दिल्ली: आज से 5 दशक पहले NASA द्वारा भेजे गए वैज्ञानिकों की एक टीम ने ऐसा इतिहास रचा था, जिसने सबको हैरान कर दिया था। वो इतिहास था चांद में कदम रखना। चांद पर जब वैज्ञानिकों की एक टीम गई थी, तो कई ऐसी जानकारियां हासिल करके लाई थी। जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।

वैज्ञानिकों की टीम जब चांद पर गई थी, तो वहां से कई अहम जानकारियों के साथ पत्थर और मिट्टी भी लाई थी। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों ने कई ऐसी चीजें थी जो वहीं छोड़ दी थी। इसमें नील आर्म्सट्रॉन्ग के पैरों के निशान, अमेरिका झंडा और द्वारा फैलाए गए अपशिष्ट पदार्थों से भरा लगभग 96 बैग शामिल है।

अब फिर से वैज्ञानिकों की टीम चांद पर जाना चाहती है। इस बार मकसद बिल्कुल अलग है। इस बार जानकारियां कम और वैज्ञानिकों द्वारा छोड़ा गया मल के बैग लो लाने का प्लान है। अब वैज्ञानिक 50 साल पुराने बैग्स को लाकर उन पर शोध करना चाहते हैं। जिससे चांद पर जीवन की खोज के बारे में आगे कुछ जाना जा सके।

आपको बता दें, चांद पर कुल 12 वैज्ञानिक नासा ने भेजे थे। और वे वैज्ञानिक वहां 96 बैग छोड़कर चले आए थे। जिसमें वे मल-मुत्र व अन्य अपशिष्ट पदार्थ छोड़ आए थे। हालांकि नासा ने कहा कि अंतरिक्ष में वैज्ञानिक ज्यादा दिन नहीं गुजारे थे। नासा ने अपने वैज्ञानिकों को खास इंतजाम करके भेजा था जिससे वहां कोई कचरा न फैले।

चांद पर क्यों बैग छोड़ा गया?
बताया जाता है कि अंतरिक्ष में वैज्ञानिक एक निश्चित वजन के साथ जाते हैं और एक निश्चित वजन के साथ ही लौटते हैं। इसलिए अंतरित्र वैज्ञानिकों ने मजबूरी में अपना अपशिष्ट पदार्थ छोड़ आए। अगर ज्यादा वजन के साथ वैज्ञानिक यात्रा करते तो उन्हें जान गवांनी पड़ सकती थी।

ट्रंप प्रशासन ने बैग लाने का लिया था फैसला…
सत्ता संभालते ही ट्रंप ने नासा के चांद पर जाने और वहां जीवन खोजने की कार्यक्रम का डेडलाइन तय किया था। वहां से बैग लाकर नासा कई महत्वपूर्ण खोज करना चाहती है। जिसमें चांद पर जीवन की खोज प्रमुख रुप से है।

नासा क्यों लाना चाहती है बैग?
इन अपशिष्ट पदार्थों से पता लगाया जा सकता है कि चांद पर जीवन की कितनी संभावना है। साथ ही इस मिशन से कई अन्य चीजों पर शोध किया जा सकता है। यदि बैक्टिरिया मर गए हैं तो भी उन पर शोध करके कई जानकारियां हासिल की जा सकती है। जैसे बैक्टिरिया कब तक जिन्दा थे, कब मरे?

9 April, 2019

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