पिता गुजरे-मां को हुआ लकवा, झाडू-पोछा कर इकलौती बेटी ने संभाला घर.. अब बनी इस खेल में चैंपियन

नई दिल्ली। बचपन में पिता का सिर से साया उठने के कुछ ही समय बाद मां को भी लकवा हो गया। तंगहाली में जी रहे परिवार की इकलौती बेटी सोनम पर ऐसे में पूरे परिवार को संभालने की जिम्मेदारी आ गई। लेकिन, मध्य प्रदेश की इस लड़की ने हार नहीं मानी। दूसरे के घरों में झाडू-पोंछा करते-करते मध्य प्रदेश की ये बेटी आज राज्य की वॉलीबॉल चैंपियन बन चुकी है।

संघर्ष से भरी है सोनम की कहानी

  • मुरैना में संपन्न हुई 27वीं मिनी राज्यस्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप में नर्मदापुरम संभाग को जीत दिलाने वाली सोनम जाटव इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। लकवे से जूझ रही सोनम की मां अस्पताल में भर्ती है। चैंपियनशिप जीतने के बाद मंगलवार को सोनम जाटव ट्राफी लेकर अस्पताल पहुंची।
  • मां के पैर छूकर सोनम ने ट्राफी सामने रखी तो परिजनों के साथ दूसरे मरीजों और अस्पताल के बाकी स्टाफ की आंखे भर आईं। परिवार की इकलौती बेटी सोनम 5 साल की थी, जब उसके पिता का निधन हो गया।
  • बचपन में पिता का साया उठ जाने से परिवार तंगहाली से जूझने लगा। इस बीच मां को भी लकवा हो गया और उनके इलाज के लिए पैसों की जरूरत आन पड़ी। सोनम ने ना सिर्फ परिवार की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया बल्कि अपनी मां के इलाज और खेल को भी नहीं छोड़ा।

स्कूल जाने से पहले करती है झाडू-पोंछा

  • नर्मदापुरम संभाग की वॉलीबॉल टीम का कप्तान सोनम जाटव सुबह अपने स्कूल जाने से पहले कुछ घरों में झाडू-पोछा और बर्तन साफ करती है। यही सोनम की आमदनी का जरिया है।
  • सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्कूल की पढ़ाई करती है। मां की देखरेख के बाद शाम को वह मैदान पर वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करती हैं।
  • संघर्ष के इस समय में वह अपनी खेल शिक्षक बख्तावर खान को अपनी मां, साथी और सहयोगी होने का श्रेय देती हैं।