अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: पहली महिला सैन्य अफसर कैप्टन दिव्या अजीत कुमार, जिन्हें मिला सोर्ड ऑफ ऑनर

नई दिल्ली। दिव्या अजीत कुमार वह नाम है, जिसने महिलाओं को भारतीय सेना में नई पहचान दिलाई। जी हां, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं, उस महिला की कहानी जिसके बुलंद हौसले ने उसे पुरुष प्रधान समाज में सबसे अलग पहचान दिलाई।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हम आपको बताएंगे कैप्टन दिव्या अजीत कुमार के बारे में, जो भारत की पहली ऐसी महिला सैन्य अफसर हैं, जिन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में किसी सैन्य दस्ते की अगुवाई की।

सोर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित कैप्टन दिव्या अजीत कुमार ने साल 2010 में चेन्नई की सैन्य प्रशिक्षण अकादमी से बेस्ट कैडेट का सम्मान हासिल किया। इसी साल उन्हें सेना में कमीशन मिला और वह भारतीय सेना की ऐसी पहली महिला कैडेट हैं, जिन्हें बेस्ट कैडेट के रूप में ‘सोर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया।

चेन्नई के एक तमिल परिवार में जन्मी कैप्टन दिव्या अजीत कुमार अपने घर में अपनी पीढ़ी की पहली सेना अधिकारी भी हैं। कैप्टन दिव्या अजीत कुमार की स्कूली शिक्षा चेन्नई में पूरी हुई और चेन्नई के ही स्टेल्ला मारिस कॉलेज से उन्होंने अपनी आगे की शिक्षा पूरी की। इसी दौरान कैप्टन दिव्या अजीत कुमार एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) में शामिल हो गयी, जिसने उन्हें भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

पहली बार बतौर एनसीसी दस्ते में वह गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनीं। इसके बाद कैप्टन दिव्या अजीत कुमार ने ओटीए (ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी) चेन्नई से अपनी आगे की ट्रेनिंग हासिल की। सोर्ड ऑफ ऑनर पाने वाली कैप्टन दिव्या अजीत कुमार भारतीय सेना के इतिहास में पहली महिला हैं, जिन्होंने मात्र 21 साल की उम्र में 63 महिलाओं सहित कुल 244 कैडेटों को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही कैप्टन दिव्या अजीत कुमार भरतनाटयम नृतक, बास्केट बाल और डिसकस थ्रो की खिलाड़ी भी हैं।

सैन्य करियर की बात करें तो कैप्टन दिव्या अजीत कुमार को सितंबर 2010 में वायु रक्षा कोर में कमिशन मिला था। साल 2016 के गणतंत्र दिवस समारोह में कैप्टन दिव्या अजीत कुमार ने 126 महिला अधिकारियों और 26 कैडेटों के एक सैन्य दल का नेतृत्व किया था। इस समारोह में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। मौजूदा समय में वह चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

कैप्टन दिव्या अजीत कुमार ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि चीजे तेजी से बदल रही हैं और भारतीय सेना में महिलाओं की ताकत बढ़ती जा रही है। हर दिन महिलाएं डिफेंस फोर्स का हिस्सा बन रही हैं और अब महिलाएं सीमा पर दुश्मन के खिलाफ पुरुष सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।