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आम नारी नहीं सैन्य अफसर हैं इन 4 शहीदों की पत्नियां, पति की शहादत ने बनाया पहले से ज्यादा मजबूत

नई दिल्ली। देश की रक्षा करने वाले हमारे वीर सैनिकों का बलिदान कभी भी नहीं भुलाया जा सकता। इसमें कोई दो राय नहीं कि एक शहीद की शहादत पर सबसे बड़ी कुर्बानी उसका परिवार देता है। लेकिन, हमारे देश में आज भी शहीदों की ऐसी विधवाएं भी मौजूद हैं, जो वतन के लिए मर मिटने को तैयार हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ऐसी ही वीर महिलाओं को सलाम करते हुए न्यूज अपटूडेट आपके लिए लेकर आया है, ऐसी 4 वीरांगनाओं की कहानी जिन्होंने अपने पति की शहादत के बाद भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया।

शहीद कर्नल संतोष महाडिक की पत्नी स्वाति, नायक मुकेश दुबे की पत्नी निधि, राइफलमैन रवीन्द्र संबयाल की पत्नी नीरू सांब्याल और शहीद मेजर प्रसाद महाडिक की पत्नी गौरी महाडिक ऐसे नाम हैं, जिनके भीतर देशभक्ति का जज्बा आज भी कम नहीं हुआ है।

शहीद कर्नल संतोष महाडिक और उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट स्वाति महाडिक (Source: Google)

कर्नल संतोष महाडिक की पत्नी लेफ्टिनेंट स्वाति महाडिक

17 नवंबर 2015 को आतंकियों से लोहा लेते हुए 41वीं राष्ट्रीय राइफल्स की एंटी टेरर स्क्वाड में तैनात कर्नल संतोष महाडिक शहीद हो गए। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के दौरान कर्नल संतोष महाडिक की पार्थिव देह, जब उनके घर पहुंची तो मानों पहाड़ टूट पड़ा हो। कर्नल संतोष महाडिक के घर में उनकी 12 साल की बेटी, 7 साल का बेटा और पत्नी स्वाति महाडिक पूरी तरह टूट चुके थे। कर्नल संतोष महाडिक को उनकी जांबाजी के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

इस विकट परिस्थिति में भी शहीद कर्नल संतोष महाडिक की पत्नी स्वाति ने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि जिस देश की सुरक्षा के लिए उनके पति ने अपनी शहादत दी है, वह भी उसी रास्ते पर चलेगी। अपने पति की मौत के एक साल बाद स्वाति ने भारतीय सेना में जाने की इच्छा जताई थी। 37 साल की होने के कारण उम्र आड़े आ रही थी, ऐसे में उन्होंने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह से मुलाकात की।

जनरल सिंह ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की और रक्षा मंत्री ने उन्हें मंजूरी दे दी। इसके बाद स्वाति ने अपने दोनों बच्चों को बोर्डिंग स्कूल भेज दिया और 2016 में एसएसबी का एक्जाम पास किया। चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में स्वाति महाडिक ने ट्रेनिंग पूरी की और सितंबर 2017 में वह भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन हुई। स्वाति महाडिक आज भी भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश की सेवा कर रही हैं।

अपने बेटे के साथ निधि दुबे की एक फाइल फोटो (Source : Google)

नायक मुकेश दुबे की पत्नी लेफ्टिनेंट निधि दुबे

मध्य प्रदेश के सागर जिले से ताल्लुक रखने वाले नायक मुकेश दुबे महार रेजीमेंट का हिस्सा थे। साल 2009 में सेना का हिस्सा रहते हुए हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उस वक्त निधि गर्भवती थीं। पति की मौत से वह अभी संभली भी नहीं थी कि ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। निधि ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और भारतीय सेना का हिस्सा बनने का फैसला लिया।

निधि ने भारतीय सेना ज्वाइन करने का फैसला तो कर लिया था, लेकिन यह डगर आसान नहीं थी। उनकी उम्र भी 32 के पार थी, लेकिन वह हिम्मत हारने वालों में से कहां थी। अपनी हिम्मत और लगन के बल पर आखिरकार निधि दुबे सेना का हिस्सा बनने में कामयाब रही। लेफ्टिनेंट स्वाति महाडिक और लेफ्टिनेंट निधि दुबे एकसाथ और एक ही दिन भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। निधि ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पहले उम्र की वजह से मुझे परेशानी होती थी, लेकिन सेना की ट्रेनिंग के बाद अब मैं हर वो काम कर सकती हूं, जो दूसरा सैनिक कर सकता है।

शहीद रवीन्द्र संबयाल और उनकी पत्नी नीरू संबयाल (Source : Google)

राइफलमैन रवीन्द्र संबयाल की पत्नी लेफ्टिनेंट नीरू संबयाल

वीरों की भूमि कहलाने वाले जम्मू की रहने वाली लेफ्टिनेंट नीरू संबयाल की मिसाल दी जाती है। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में साल 2013 में राइफलमैन रवीन्द्र संबयाल और नीरू संबयाल का विवाह हुआ था। 2015 में देश की रक्षा करते हुए रवीन्द्र संबयाल शहीद हो गए। पति की शहादत से अपनी डेढ़ साल की बेटी को संभालने की जिम्मेदारी नीरू के कंधों पर आ गई। नीरू के सामने उस वक्त दो रास्ते थे। या तो वह एक आम औरत की तरह बाकी की जिंदगी बेटी की परवरिश में बिता देती, या फिर पति के पदचिन्हों पर चलते हुए अपनी जिंदगी देश को समर्पित करती।

ये जानते हुए कि दूसरा रास्ता कठिनाइयों से भरा है, नीरू ने सेना में भर्ती होने का फैसला किया। नीरू ने अपने फैसले से माता-पिता को अवगत कराया। नीरू के पिता और मां अपनी बेटी की बात सुनकर पहले कुछ देर के लिए जरूर चौंक गए, लेकिन इस फैसले ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। मां और पिता ने बेटी को सेना का हिस्सा बनने में भरपूर मदद की। 9 सितंबर 2018 को नीरू को एक नई पहचान मिल गई। जिस महिला को सभी ‘शहीद राइफलमैन रवीन्द्र संबयाल की पत्नी’ बुलाने लगे थे, उसे भारतीय सेना ने नई पहचान दी। नीरू संबयाल से वह लेफ्टिनेंट नीरू संबयाल बन चुकी थी।

नीरू बताती हैं कि मेरे शहीद पति हमेशा देश की रक्षा की बात ही करते थे। मैंने उनके साथ ज्यादा समय भले ही ना गुजारा हो, लेकिन मुझे एक सैन्य जीवन की अहमियत का पता चला। मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं वीरों की भूमि गुड़ा सलाथिया की बेटी हूं। 49 दिनों की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट नीरू संबयाल भारतीय सेना का हिस्सा हैं। उनके पिता दर्शन सिंह सलाथिया को भी इस बात पर गर्व है कि बेटी सेना में अधिकारी के रूप में एक सशक्त महिला बनी है।

शहीद मेजर प्रसाद महाडिक की पत्नी चेन्नई में ले रही हैं सेना की ट्रेनिंग (Source : Google)

शहीद मेजर महादिक की पत्नी गौरी महाडिक बनेंगी अफसर

भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल के तवांग में भारतीय सेना की बिहार रेजीमेंट के मेजर प्रसाद महाडिक की पोस्टिंग चल रही थी। 30 सितंबर 2017 को उग्रवादियों ने मेजर प्रसाद महाडिक के बैरक पर हमला कर दिया। इस हमले में मेजर महाडिक शहीद हो गए। मेजर प्रसाद महाडिक का तिरंगे में लिपटा शव जब घर पहुंचा और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।

मेजर महाडिक के घरवालों की आंख के आंसू अभी सूखे भी नहीं थे कि उनकी पत्नी गौरी महाडिक ने सेना में भर्ती होने का फैसला कर लिया। लंबे समय से वह सेना में भर्ती होने के लिए तैयारियां कर रही थी। हाल ही में उन्होंने सेना की भर्ती परीक्षा पास कर ली है। गौरी महाडिक अब चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 40 हफ्तों की कड़ी ट्रेनिंग लेंगी। अगले साल वह भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हो जाएंगी।

गौरी महाडिक ने बताया कि यह भी एक संयोग है कि उनकी ट्रेनिंग वहीं होगी, जहां उनके पति की ट्रेनिंग हुई थी। संयोगवश उन्हें भी वहीं चेस्ट नंबर मिला जो उनके पति को मिला था। बता दें कि इससे पहले गौरी महाडिक कंपनी सेक्रेटरी के पद पर काम करते हुए लंबे समय से सेना में भर्ती होने का प्रयास कर रही थीं। गौरी कहती हैं कि देश की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है। वह अपने पति की ही वर्दी और स्टार्स पहनेंगी।