Good Friday 2019: 6 घंटे तक सूली पर चढ़ाए गए थे क्राइस्ट, जानें फिर भी क्यों कहा जाता है ‘गुड फ्राइडे’

नई दिल्ली: ‘गुड फ्राइडे’… ईसाइयों (Christians) का वो प्रमुख त्यौहार जिसे देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई कोनों में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस बार यह पर्व पूरे देश और विदेश में 19 अप्रैल को मनाया जयेगा, यह ईसाइयों (Christians) के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह शुक्रवार के दिन मनाया जाता है, इस पर्व को लोग अलग-अलग नामों से भी जानते हैं।

जानें गुड फ्राइडे से जुड़ा इतिहास

  • दरअसल, गुड फ्राइडे शोक के रूप में मनाया जाता है इस दिन भगवन क्राइस्ट(Jesus Christ) को तमाम शारीरिक दुख और सारे कस्ट देने के बाद सूली पर बड़ी बेरहमी से चढ़ा दिया गया था।
  • इस बार ये त्यौहार 19 April को शुक्रवार वाले दिन मनाया जायेगा,आज से 2000 सालों पहले कहा जाता है कि यरुशलम के गैलिली प्रांत में ईसा लोगों को मानवता, एकता और अहिंसा का उपदेश दे रहे थे।
  • उनके उपदेशों से प्रभावित होकर वहां के लोगों ने उन्हें ईश्वर मानना शुरू कर दिया। इस बात से वहां धार्मिक अंधविश्वास फैलाने वाले धर्मगुरु उनसे चिढ़ने लग गए।

गुड फ्राइडे के ये भी है नाम
ईसाई (Christians) समुदाय में गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे(Holy Friday), ब्‍लैक फ्राइडे (Black Friday)और ग्रेट फ्राइडे(Great Friday) भी कहते हैं। ईसाई (Christians)समुदाय के ज्‍यादातर लोग इस दिन काले कपड़े पहनकर अपना शोक व्‍यक्‍त करते हैं। गॉड से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। चर्च जाकर जीससे से प्रार्थना करते हैं। गुड फ्राइडे को जीसस द्वारा मानवता की भलाई के लिए दिए गए बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्‍हें श्रृद्धांजलि दी जाती है। क्योंकि गुड फ्राइडे प्रायश्चित्त और प्रार्थना का दिन है अतः इस दिन चर्च में घंटियां नहीं बजाई जातीं।

ऐसे थे यीशू के अंतिम वचन
जब पापियों और अत्याचारियों ने मिलकर प्रभु यीशू को तमाम तरह की यातनाएं दीं और उन्हें अंततः सूली पर लटकाने से पहले कांटों का ताज तक पहना दिया तो भी उनके मुख से सभी के लिए सिर्फ क्षमा और कल्याण के संदेश ही निकले। यह उनके क्षमा की शक्ति की अद्भुत मिसाल मानी गई। प्रभु यीशू के मुख से मृत्यु पूर्व ये मार्मिक शब्द निकले, ‘हे ईश्वर इन्हें क्षमा करें, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं…’

6 घंटे तक सूली पर लटके रहे थे यीशू
बाइबिल में बताया गया है कि प्रभु यीशू को पूरे 6 घंटे तक सूली पर लटकाया गया था। बताया जाता है कि आखिरी के 3 घंटों में चारों ओर अंधेरा छा गया था। जब यीशू के प्राण निकले तो एक जलजला सा आया। कब्रों की कपाटें टूटकर खुल गईं। दिन में अंधेरा हो गया। माना जाता है कि इसी वजह से गुड फ्राइडे के दिन चर्च में दोपहर में करीब 3 बजे प्रार्थना सभाएं होती हैं। मगर किसी भी प्रकार का समारोह नहीं होता है।

किस तरह मनाया जाता है Good Friday
जिस तरह से चिड़िया सबसे पहले अपने घोसले में अंडा देती है, उसके बाद उसमें से चूजा निकलता है। ठीक उसी तरह अंडे को शुभ माना गया है। ईस्‍टर संडे के दिन लोग एक दूसरे को अंडे के आकार के गिफ्ट देते हैं। यही नहीं सजावट में भी अंडे के आकार का इस्‍तेमाल किया जाता है। ईसा मसीह को शुक्रवार के दिन क्रॉस पर लटकाए जाने के तीसरे ही दिन रविवार को ईसा मसीह फिर से जीव‍ित हो उठे थे। इस वजह से इसे ईस्‍टर संडे कहा जाता है।ईसाई(Christians)समुदाय में ईस्‍टर एग यानी कि अंडे का विशेष महत्‍व है।