19 साल बाद फिर कांग्रेस में लौटे तारिक अनवर, राहुल गांधी की मौजूदगी में थामा पार्टी का दामन

नई दिल्ली: चुनावी मौसम का अंदाजा सिर्फ चुनाव के तारीखों से नहीं बल्कि दल-बदल के जरिए भी लगाया जाता है। ये राजनीति ही है साहब !.. जो सियासतदानों को हर घाट का पानी पिलाती है। फिर क्या दोस्त और क्या दुश्मन.. मौका देखो और निकल लो। कुछ इसी राह पर चल पड़े हैं NCP के पूर्व नेता तारिक अनवर।

कभी कांग्रेस को कोसने वाले तारिक.. आज उसी के शरण में चले गए है। NCP अध्यक्ष शरद पवार के बयान से नाराज होकर इस्तीफा देने के बाद आज दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में तारिक अनवर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। ऐसा नहीं है कि तारिक अनवर पहली बार कांग्रेस में शामिल हुए हों। इससे पहले भी वो कांग्रेस में रहे हैं।

अनवर पहले भी कांग्रेस में रह चुके हैं। 1980 में वो पहली बार कटिहार से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। दरअसल कुछ समय राफेल मुद्दे पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार द्वारा पीएम मोदी का समर्थन करने से नाराज होकर उन्होने पार्टी के साथ-साथ लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था। तारिक अनवर को पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल किया जाता है।

पांच बार बिहार के कटिहार से सांसद रहे अनवर को शनिवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। आपको ये भी बता दें उन्होंने लोकसभा के सदस्य पद से भी अपना त्यागपत्र दे दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि तारिक अनवर कांग्रेस के टिकट से कटिहार से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।

आपको बता दें कि आखिर शरद पवार के किस बयान ने तारिक अनवर को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने कहा था कि मुझे निजी तौर पर लगता है कि लोगों के के दिमाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत को लेकर कोई शक नहीं है।