RTGS NEFT Charge: RBI ने आम आदमी को दिया बड़ा तोहफा, अब नहीं वसूला जाएगा RTGS और NEFT चार्ज

नई दिल्ली: गुरूवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्रहाकों के पक्ष में कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमे रेपो रेट में कटौती के साथ-साथ बैंक ट्रांजेक्शन चार्ज को हटा ने का ऐलान किया है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी है। शक्तिकांत दास ने बड़े ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले रियल टाइम ग्रॉस सेटलरमेंट सिस्टम यानी RTGS फंड ट्रांसफर और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के लिए चार्ज हटा दिया है।

RBI का ग्राहकों को बड़ा तोहफा

माना जा रहा है कि RBI के इस फैसले के बाद बैंक भी अपने ग्राहकों के लिए चार्ज कम कर सकते हैं। देश के बड़े बैंक ने ये कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। RBI की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि बैंकों को ग्रहाकों तक ये फायदा पहुंचाना चाहिए और उन्हें इन चार्ज को कम करना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों को इस संबंध में एक हफ्ते के अंदर मिल जाएंगे।

अब तक RTGS और NEFT पर चार्ज वसूलता था RBI

गौरतलब है कि अभी तर आरबीआई RTGS और NEFT पर चार्ज वसूलता था। जानकारी के मुताबिक RBI 2 लाख रुपये से 5 लाख तक की RTGS के लिए 25 रुपये और टाइम वैरिंग चार्ज वसूलता था। वहीं 5 लाख रुपए से अधिक के लिए ये बैंक 50 रुपए और टाइम वैरिंग चार्ज वसूलता था।

  • 8 घंटे से 11 घंटे तक के लिए बैंक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेता था, जबकि 11 घंटे से 13 घंटे के लिए चार्ज 2 रुपए अतिरिक्त, 13 घंटे से 16.30 घंटे के लिए 5 रुपए अतिरिक्त और 16.30 घंटे से ज्यादा के लिए 10 रुपए अतिरिक्त चार्ज वसूलता था।
  • एनईएफटी के लिए बैंक 10 हजार रुपए तक की राशि पर 2.50 रुपए, 10 हजार रुपए से ज्यादा और 1 लाख रुपए तक की राशि पर 5 रुपए, एक लाख रुपए से 2 लाख रुपए तक की राशि पर 15 रुपए और 2 लाख रुपए से ज्यादा की राशि पर 25 रुपए वसूलता है।