पिता का हक पाने में बेटे को लग गए थे 6 साल, कानूनी लड़ाई जीतते ही रोहित की मां से कर ली थी शादी

  • पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे की संदिग्ध परिस्थियों में मौत
  • दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर पर मिली लाश
  • 6 साल की लंब लड़ाई के बाद मिला था पिता का हक

नई दिल्ली: उत्तरखांड और उत्तर प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मंगलवार शाम अचानक मौत हो गई। जिससे सभी हैरान हैं। शुरूआती खबर के मुताबिक रोहित शेखर दिल्ली स्थित घर में मृत पाए गए थे, लेकिन फिर भी उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने भी मृत घोषित कर दिया।

साउथ दिल्ली के डीसीपी विजय कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी को साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल में लाया हुआ मृत घोषित किया गया। 39 साल के रोहित शेखर ने एनडी तिवारी के बेटे का हक 6 साल की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद हासिल किया था।

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6 साल की लंबी लड़ाई के बाद रोहित ने पाया था पिता का हक

  • रोहित ने दावा किया था कि नारायण दत्त तिवारी उसके जैविक पिता थे। कोर्ट के आदेश पर एनडी तिवारी को DNA सैंपल टेस्ट के लिए देना पड़ा था।
  • रोहित इस समय डिफेंस कॉलोनी में अपनी पत्नी और मां उज्ज्वला के साथ रहते थे। साल 2017 में उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रोहित शेखर ने भाजपा की सदस्यता ले ली थी।
  • लेकिन कुछ दिन पहले उन्होंने पिता की पार्टी यानी कांग्रेस के लिए काम करने में दिलचस्पी दिखाई थी।

2008 में एनडी तिवारी पर किया था केस

साल 2008 में पहली बार रोहित शेखर एनडी तिवारी से पिता का हक पाने के लिए पहली बार कोर्ट में गए। वहां उन्होंने दावा किया था कि वे एनडी तिवारी और उज्ज्वला शर्मा के पुत्र हैं। एनडी तिवारी ने दिल्ली हाईकोर्ट में केस को खारिज करने की गुहार लगाई, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। कोर्ट ने 23 दिसंबर 2010 को एनडी तिवारी को सैंपल देने का आदेश दिया। उस पर एनडी तिवारी सुप्रीम कोर्ट चले गए, लेकिन वहां भी फैसला रोहित शेखर के पक्ष में आया।

एनडी तिवारी(N.D Tiwari) ने 2011 में DNA जांच के लिए दिया था खूून

बाद में 29 मई 2011 को तिवारी को डीएनए जांच के लिए अपना खून देना पड़ा। उन्होंने कोर्ट से अपील की थी कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए। लेकिन कोर्ट ने उनकी ये अपील भी ठुकरा दी। इसी रिपोर्ट में साबित हुआ कि एनडी तिवारी ही रोहित शेखर के जैविक पिता हैं।

2014 में एनडी तिवारी (N.D Tiwari)ने रोहित को माना था बेटा

  • 6 साल चले इस केस को हारने के बाद 3 मार्च 2014 को एनडी तिवारी ने आखिरकार रोहित शेखर को अपना बेटा मान लिया।
  • उस समय एनडी तिवारी ने कहा कि मैंने स्वीकार कर लिया है कि रोहित शेखर मेरा बेटा है। डीएनए रिपोर्ट ने भी यह साबित किया है कि वो मेरा जैविक बेटा है।
  • इस पर रोहित ने भी प्रतिक्रिया में कहा था कि मैं अचंभित हूं कि एनडी तिवारी ने अंततः मुझे अपना बेटा स्वीकार लिया है।
  • बाद में 14 मई, 2014 को एनडी तिवारी ने लखनऊ में रोहित की मां उज्ज्वला के साथ बाकायदा शादी कर ली। विवाह के समय उनकी उम्र 88 साल थी।