मुंबई ब्रिज हादसा: मरने वालों की संख्या हुई बढ़कर 6 हुई, रेलवे-बीएमसी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में गुरुवार शाम सीएसटी स्टेशन के पास फुट ओवर ब्रिज गिरने के कारण बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है, जबकि 34 से ज्यादा लोग अभी भी घायल हैं। इस मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आईपीसी धारा 304 ए (लापरवाही से मौत) के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

दूसरी तरफ महराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। फडणवीस ने कहा कि मैंने हाई लेवल इन्क्वॉयरी का आदेश दे दिया है। इस तरह के हादसे ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं।

बता दें कि यह हादसा गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे हुआ। शाम का वक्त होने के कारण पुल के नीचे बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक ब्रिज नीचे गिरा और मलबे में कई लोग दब गए। पुल के नीचे से गुजर रहे कुछ वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची एनडीआरएफ, रेलवे और मुंबई पुलिस की टीमों ने तत्काल घायलों को सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल और गोकुलदास तेजपाल अस्पताल में पहुंचाया।

पुलिस ने इस घटना में 6 लोगों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए मृतकों के नाम जारी किए हैं। लिस्ट के मुताबिक, अपूर्वा प्रभु, रंजना तांबे, जाहिद शिराज खान, मोहन भक्ति शिंदे और तपेंद्र सिंह नाम के छह लोगों की इस हादसे में मौत हुई है। इसके अलावा 34 अन्य लोग घायल हैं, जिन्हें शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर मुंबई पुलिस और मुंबई महानगरपालिका के मुख्यालय हैं।

मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसे पर दु:ख जताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, मुंबई में हुए ब्रिज हादसे के कारण हुई लोगों की मौत की खबर सुनकर बेहद दु:खी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और मैं इस घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। महाराष्ट्र सरकार इस हादसे में हताहत सभी लोगों को हर संभव मदद दे रही है।

उधर, मध्य रेलवे के डीआरएम डीके शर्मा ने कहा है कि जो ब्रिज गिरा है, उसकी देखरेख का काम बीएमसी करती है। शर्मा के अनुसार, रेलवे ने जरूर यह ब्रिज बनवाया था, लेकिन मेंटेनेंस की जिम्मेदारी बीएमसी की थी।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने हादसे के बाद बताया कि ब्रिज का एक स्लैब गिरा है। रेलवे और बीएमसी इसकी मेंटनेंस के बारे में जांच करेंगे। ब्रिज खराब कंडीशन में नहीं था, इसमें छोटी-मोटी रिपेयरिंग की जरूरत थी, जोकि जारी थी। काम पूरा नहीं हुआ फिर भी इसे चालू रखा गया था, इसके बारे में भी जांच की जाएगी। हादसे के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की संभावना को देखते हुए एनडीआरएफ, मुंबई पुलिस और रेलवे पुलिस की टीम को भी मौके पर लगाया गया है। इसके अलावा पुल के बाकी बचे हिस्से को भी बीती रात ही अधिकारियों ने गिरवा दिया, ताकि और कोई हादसा ना हो।