मुलायम सिंह की चुनावी रैली का हिस्सा बन सकती है मायावती, 1993 के बाद एक मंच पर दिखेंगे दोनों दिग्गज

लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले बसपा और सपा उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की नींव मजबूत करने में जुट गए हैं। इस बार गठबंधन में चुनाव लड़ रही सपा और बसपा एक दूसरे के लिए प्रचार करेंगी। बसपा सुप्रीमो मायावती इस बार सपा की रैलियों में भी शामिल होंगी। बताया ये भी जा रहा है कि मायावती 19 अप्रैल को मुलायम सिंह के लिए मैनपुरी में प्रचार करेंगी।

सूत्रों की मानें तो मैनपुरी में 19 अप्रैल को होने वाली सपा की रैली में मायावती हिस्सा ले सकती हैं। मैनपुरी सीट से समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह उम्मीदवार हैं। 1993 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब मायावती मुलायम सिंह यादव के लिए प्रचार करती दिखेंगी। इसके अलावा अखिलेश और मायावती प्रदेश में एकसाथ कई चुनावी रैलियां भी करेंगे।

बताया जा रहा है समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए अपना पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया है। प्रदेशभर में होने वाली इन रैलियों के लिए संभावित स्थान और तारीख निर्धारित की जा चुकी हैं। 19 अप्रैल को मैनपुरी में समाजवादी पार्टी की रैली होनी है। मायावती के इस रैली में शामिल होने की पूरी संभावना है। इस रैली में मुलायम और मायावती 26 साल बाद एक ही मंच पर दिखेंगे।

1993 में भी हुआ था सपा-बसपा गठबंधन

1992 में जनता दल से अलग होकर मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी का गठन किया था। पार्टी गठन के एक साल बाद सपा ने 1993 में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई थी। इस दौरान चुनाव प्रचार के वक्त भी मुलायम और मायावती एक मंच पर दिखे थे। समाजवादी पार्टी और बसपा गठबंधन ने यह चुनाव जीता, लेकिन मायावती इस सरकार में शामिल नहीं हुई।

2 जून 1995 को बसपा ने मुलायम सरकार से किनारा करते हुए समर्थन वापस ले लिया था। दोनों दलों का गठबंधन टूट गया और मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद यूपी का चर्चित गेस्ट हाउस कांड हुआ जिसमें सपा कार्यकर्ताओं पर मायावती को जान से मारने की कोशिश के आरोप लगे।

प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के दौरान दोनों पार्टियों के बीच सालों से चल रही अनबन खत्म हुई। जीत के बाद अखिलेश यादव खुद मायावती को बधाई देने उनके घर गए और यहीं से दोनों पार्टियों के बीच जमी बर्फ पिघलने लगी। लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने महागठबंधन का हिस्सा बनते हुए प्रदेश में एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।