‘Kerala Foundation Day’: इस दिन क्या होता है केरल में खास!
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‘Kerala Foundation Day’: इस दिन क्या होता है केरल में खास!

जैसा कि आप सभी को पता है कि भारत पर पहले अंग्रेजों का शासन था। जिनसे अपनी स्वतंत्रता पाने के लिए भारत में कई आंदोलन भी हुए। जिनको हमारे राष्ट्रपिता महत्मा गाँधी ने सक्रिय रूप से चलाया और देश को अंग्रेजों से मुक्त करवाया। जिसकी वजह से 15 अगस्त भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश की आज़ादी के बाद काफी राज्यों का निर्माण किया गया। जिसमे सबसे पहले 01 नवंबर 1956 को केरला को एक राज्य का दर्जा दिया गया।

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Kerala Piravi क्या है?

Kerala Piravi भारत में केरल राज्य के जन्म का प्रतीक है। केरल राज्य के गठन के लिए एक लोकप्रिय आंदोलन ने भाषाई आधार पर राज्य के पुनर्गठन को एक गति दी। इस आंदोलन को फुकली केरल (एकजुट केरल) कहा जाता है।

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पूर्व-आधुनिक युग (Pre-modern era)

केरल राज्य बनने से पहले केरल तीन हिस्सों में विभाजित था। जिसका पहला हिस्सा मालाबार था। मालाबार थलसेरी के साथ उत्तरी क्षेत्र बनाता है। थलसेरी एक छोटा कैनानोर और कासारगोड है, जिसमें माही का एक छोटा पॉकेट-रूमाल फ्रांसीसी कब्ज़ा है। यह क्षेत्र उस समय का था जिसे कभी ऑस्ट्रेलियाई सेना के तहत मद्रास प्रेसीडेंसी कहा जाता था। दूसरा हिस्सा कोचीन है। जिसका गठन रियासत द्वारा किया गया है और अंतिम\तीसरा हिस्सा त्रावणकोर है जो कि एक रियासत है।

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1 जुलाई, 1949 को त्रावणकोर और कोच्चि ने त्रावणकोर-कोचीन राज्य का गठन किया। लेकिन केरल 1950 के दशक तक राजनीतिक रूप से विभाजित रहा यहां तक ​​कि भौगोलिक समानता और भाषा की एकजुटता के बीच भी विभाजन देखने को मिला।

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President’s Trophy Boat Race

‘राष्ट्रपति ट्रॉफी बोट रेस’ हर साल 01 नवंबर को केरल के कोल्लम शहर की अष्टमुडी झील पर आयोजित की जाती है। ये सबसे लोकप्रिय दौड़ है। जिसको देखने के लिए काफी तादात में लोग आते हैं। इस दिन भारत के राष्ट्रपति रेस देखने के लिए वहां उपस्थित होते है और जितने वाले को गोल्ड की ट्रॉफी और 10 लाख रुपये नगद देकर उनका सम्मान करते हैं।

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1 November, 2019

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