जम्मू-कश्मीर में सियासी पारे ने बढ़ा दी गर्मी, राज्यपाल बोले- फैक्स मिल भी जाता तो फैसला यही रहता
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जम्मू-कश्मीर में सियासी पारे ने बढ़ा दी गर्मी, राज्यपाल बोले- फैक्स मिल भी जाता तो फैसला यही रहता

नई दिल्ली: इस समय जम्मू-कश्मीर का तापमान भले ही सर्द है, लेकिन सियासी पारा इतना गर्म हो चला है कि इसकी आंच दिल्ली तक पहुंच रही है। कल देर शाम से लेकर रात तक श्रीनगर में सियासत ने ऐसी छलांगें मारी कि सरकार बनाने की तमाम दलों की उम्मीदों पर बर्फ पड़ गई। सत्ता की आस सर्द हो गई – देर रात राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी। जिसके बाद ये ऐहसास होने लगा कि चुनावों का मौसम वक्त से पहले कश्मीर में दसतक देने लगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)
साभार-गूगल

जम्मू-कश्मीर में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल पर केंद्र सरकार की ओर से बयान सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा विधानसभा भंग करने का फैसला पीडीपी-NC-कांग्रेस के सरकार बनाने की गतिविधि के दबाव में नहीं लिया गया है। सूत्रों की मानें गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अपने चुनावी दौरे से लौट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य के हालात पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार का मानना है कि राज्य में अब चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ ही हो सकते हैं।

‘फैक्स मिल भी जाता तो, फैसला यही रहता’
आपको बता दें कि इससे पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी अपने बयान में इस फैसले के कारणों को गिनाया था। राजभवन की ओर से जारी बयान में राज्यपाल ने कहा था कि उन्हें आशंका थी कि सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त हो सकती है, इसलिए उन्हें ये फैसला लेना पड़ा। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें महबूबा मुफ्ती या सज्जाद लोन की ओर से कोई खत नहीं मिला।

राजभवन ने बाद में एक बयान में कहा गया कि राज्यपाल ने यह निर्णय अनेक सूत्रों के हवाले से प्राप्त सामग्री के आधार पर लिया। उन्होंने ये भी कहा कि जरूरी नहीं कि राज्य के चुनाव अभी हों, ये चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ भी कराए जा सकते हैं। राज्यपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि दफ्तर की फैक्स मशीन खराब थी। और कल ईद भी थी, इसलिए जो वहां मौजूद रहते हैं वो ईद के चलते छट्टी पर थे। यहां तक की मेरा कुक भी छुट्टी पर था, ऐसे में कोई भी वहां मौजूद नहीं था, जो उस फैक्स को हैंडल कर सके। राज्यपाल ने आगे कहा कि अगल मुझे फैक्स मिल भी जाता, तो मेरा फैसला यही रहता।

22 November, 2018

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