International Day of the Girl Child 2019: बेटा-बेटी एक समान
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International Day of the Girl Child 2019: बेटा-बेटी एक समान

माँ चाहिए…
पत्नी चाहिए…
बहु चाहिए…
बहन चाहिए…  
फिर क्यों बेटी नहीं चाहिए?

ये वो सवाल है, जिसका जबाब किसी के पास नहीं है। अगर आप किसी से ये सवाल पूछते हो तो वे बात को घुमा देते हैं क्योंकि उनके पास इसका कोई जबाब होता ही नहीं है।  जब कोई माँ प्रेग्नेंट होती है तो उसके परिवार में बातें शुरू हो जाती है कि लड़का ही होगा क्योंकि अगर लड़का होगा तो घर का वंश आगे बढ़ेगा। अगर लड़की होती है तो उसको मार दिया जाता है या फिर घर में ऐसे मातम छा जाता है जैसे की कोई मर गया हो। ऐसा क्यों होता है? क्यों लड़का और लड़की में भेदभाव किया जाता है?

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हमारा समाज इतना अंधा हो गया है कि उसको लड़कों के अलावा कुछ और दिखता ही नहीं था। क्योंकि हमारा देश पुरुष प्रधान देश था जिसके कारण देश की बेटियों के हालात गंभीर रूप से खराब हो गई थी।  उनके साथ लैंगिग भेदभाव किया जा रहा था और ना ही उन्हें उचित शिक्षा दी जा रही थी। जिसके कारण लड़कियां हर क्षेत्र में पिछड़ गई थी। उनकी आवाज को इस कदर दबा दिया गया है कि उन्हें घर से बाहर निकलने की आजादी तक नहीं दी जाती थी।

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इसलिए बेटियों के जन्म के लिए और उनके विकास के लिए प्रधानमंत्री ने एक योजना निकाली बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। प्रधानमंत्री ने समाज की आंखे खोलने के लिए एक मंत्र भी दिया था “बेटा बेटी एक समान”।  उन्होंने ये भी कहा कि “आइए कन्या के जन्म का उत्सव( International Day of the Girl Child 2019) मनाएं। हमें अपनी बेटियों पर बेटों की तरह ही गर्व होना चाहिए। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि अपनी बेटी के जन्मोत्सव ( International Day of the Girl Child 2019) पर आप पांच पेड़ लगाएं।

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 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुवात

 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुवात सबसे पहले 22 जनवरी 2015 को पानीपत, हरियाणा में हमारे प्रधानमंत्री द्वारा की गयी थी। इस अभियान के तहत बेटियों के जन्म को जश्न के साथ मनाया जाएगा और साथ ही उनको शिक्षा का भी पूरा अधिकार दिया जायेगा, ताकि बेटियां देश की सशक्त बेटियां बन सकें, और समाज को ये साबित कऱ सकें कि “हम किसी से कम नहीं”।

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इस अभियान के तहत कई नियम सामने आये

  • इस योजना का सबसे सीधा प्रभाव कन्या भ्रूण हत्या व शिशु हत्या रोकथाम पर होगा।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से लिंग-अनुपात कम करने में काफ़ी असर होगा।
  • कन्या भ्रूण हत्या एवं बेटे बेटी के बीच बढ़ते हुए भेदभाव में कमी आयेगी।
  • बाल विवाह में कमी व बालिका शिक्षा में बढ़ोतरी होगी।
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अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2019 की थीम( International Day of the Girl Child 2019 theme)

11 अक्टूबर 2019 को  अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस है। जिसकी थीम( International Day of the Girl Child theme) है “एक उज्जवल कल के लिए लड़कियों को सशक्त बनाना” (Empowering Girls for a Brighter Tomorrow)। इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें बालिकाओं को बचाने, बाल लिंग अनुपात पर जागरूकता अभियान और बालिकाओं के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण तैयार करना शामिल है।

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10 October, 2019

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Ashish Jain