‘HBD गुरचरण दास’ पाकिस्तान में जन्में दास ने ‘भारत’ पर लिखी किताब
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‘HBD गुरचरण दास’ पाकिस्तान में जन्में दास ने ‘भारत’ पर लिखी किताब

ये विचार भारत के उस लेखक के हैं, जिसने आदर्श जीवन के शास्त्रीय भारतीय लक्ष्यों के आधार पर एक उपन्यास लिखा है. और अभी वे भारत के प्रमुख अंग्रेजी पत्र द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के लिए कॉलम भी लिखते हैं। जिनका नाम है गुरचरण दास…

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पाकिस्तान में हुआ था जन्म

गुरचरण दास का जन्म 3 अक्टूबर 1943 को लॉयलपुर, पाकिस्तान में था। पर इनका जीवन न्यूयॉर्क में बीता जहाँ इनके पिता नौकरी करते थे। इन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्रबंधन की स्नातक डिग्री ली। इसके बाद वे प्रॉक्टर एंड गैम्बल (पी & जी) के प्रधान भी रह चुके हैं।

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तीन नाटकों की रचना की

इन्होंने तीन नाटकों की रचना की है – लारिन्स साहिब (1970), मीरा (1971) और 9 जखू हिल (1973)। इसके संकलन को ‘थ्री इंग्लिश प्लेज़’ के नाम से प्रकाशित किया गया। इसके अलावा उन्होंने एक उपन्यास भी लिखा – ए फ़ाईन फैमिली (1990)

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दास ने लिखी थी ‘इंडिया अनबाउंड’

1 अप्रैल 2000 में गुरचरण दास जी ने ‘इंडिया अनबाउंड’ नाम की एक बुक को पब्लिश किया था, ये बुक एक नॉन-फ्रिक्शन कहानी पर आधारित है। जिसने स्वतंत्रता से लेकर भारत के आर्थिक उदय की कहानी सुनाई। इस कहानी को कई भाषाओं में प्रकाशित किया गया और बीबीसी द्वारा इसको फिल्माया भी गया है. जिसको लोगों ने काफी पसंद किया।

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लेखक बनने के लिए लिया रिटायरमेंट

‘द गुड्स ऑफ़ बीइंग गुड’ ये बुक धर्म और नैतिक कल्याण पर आधारित हैं। जिसको हमारे जीवन के कहीं न कहीं जोड़ता है। 50 साल की उम्र में एक लेखक बनने के लिए इन्होनें प्रधान की पद से रिटायरमेंट ले लिया।

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पांच भाषाओं का हैै ज्ञान

गुरचरण दास टाइम्स ऑफ़ इंडिया, हिंदी, तेलगु, मराठी और गुजरती में पांच भाषा के समाचार पत्रों में अपना एक कॉलम भी लिखते हैं। ये समय-समय पर फाइनैंशल टाइम्स, फॉरन अफेयर्स, वॉल स्ट्रीट जनरल और न्यूयॉर्क टाइम्स में भी योगदान देतें हैं।

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गुरचरण दास ने अपने लेखन करियर की शुरुआत ‘सप्ताहांत लखक’ के रूप में की। इन्होने तीन नाटक लिखे, जिन्हें एक ऑथोलॉजी के रूप में प्रकाशित किया गया था। जिसका शीर्षक ‘थ्री इंग्लिश प्ले’ था और बाद में 2011 में पेंगुइन इंडिया द्वारा थ्री प्लेज़ के रूप में एक बार फिर से प्रकाशित किया गया था।

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साल 2012 में ‘इंडिया ग्रो ऐट नाईट’ बुक को प्रकाशित किया गया,  जिसको लोगो में बहुत पसंद किया। इन बुक्स के अलावा ‘कामा- ‘द रिडल ऑफ़ डिजायर’, ‘डिफकल्टी ऑफ़ बीइंग गुड’ जैसे बहुत सारी किताबें इनके द्वारा लिखी गयी हैं और प्रकाशित भी की गयी हैं। 

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गुरुचरण दास एक पंद्रह-खंड श्रृंखला, द स्टोरी ऑफ़ इंडियन बिज़नेस (पेंगुइन) के सामान्य संपादक भी हैं। जो “व्यापार और अर्थशास्त्र में महान विचारों का खदान है। इसमें प्रमुख विद्वानों ने ऐतिहासिक योगदान दिया है। प्राचीन अर्थशास्त्री के साथ शुरुआत: धन विज्ञान, यह दो हजार वर्षों में व्यापार की दास्तां बताता है, जिसमें द ईस्ट इंडिया कंपनी की कहानी भी शामिल है।

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‘राइटर ऑफ़ द ईयर’ का जीत चुके हैं खिताब

इनको 1968 नवंबर में सुल्तान पद्मश्री पुरस्कार, ‘लरिंस साहिब’ से सम्मानित किया गया। 20 अक्टूबर 2006 में रिमीनी के राष्ट्रपति मिखाइल गिर्बाचेव द्वारा इतालवी सीनेट के पदक से सम्म्मानित किया। 2018 में इनको ‘राइटर ऑफ़ द ईयर’ से भी सम्मानित किया गया था।

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2 October, 2019

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Ashish Jain