RBI के नए गवर्नर ने दी बड़ी सौगात, ब्याज दरों में की कटौती.. अब लोन होगा सस्ता

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साभार: Google

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रीपो रेट में 0.25% कटौती का फैसला किया। इसके साथ ही, अब रीपो रेट 6.50% से घटकर 6.25% हो गया। एमपीसी के छह में से चार सदस्यों ने रेपो रेट में कटौती का समर्थन किया, जबकि दो अन्य सदस्यों, विरल आचार्य और चेतन घाटे रेट कट के पक्ष में नहीं थे। नई मौद्रिक नीति के तहत रिवर्स रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत जबकि बैंक रेट 6.50 प्रतिशत पर आ गया है।

आपको बता दें, इससे आपका होम लोन, ऑटो लोन और दूसरे सभी तरह के लोन की ईएमआई घटने के आसार हैं। हालांकि रिजर्व बैंक ने पिछली 3 पॉलिसी में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। अभी रेपो रेट की दर 6.5 फीसदी थी जो घटकर 6.25 फीसदी हो गई है। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2020 के लिए जीडीपी का लक्ष्य 7.4 फीसदी दिया है। रिजर्व बैंक ने अपना मत न्यूट्रल कर लिया है। मॉनटरी पॉलिसी कमेटी के 6 सदस्यों में से 4 ने दरों को घटाने के पक्ष में वोट दिया।

RBI का कहना है कि 2019-20 में देश की GDP की रफ्तार 7.4% रह सकती है। जबकि महंगाई की दर 2019-20 के पहले क्वार्टर में 3।2, दूसरे में 3।4% और तीसरे हाफ में 3।9 क्वार्टर तक रह सकती है। आरबीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए किसानों को मिलने वाले लोन की लिमिट भी बढ़ाई है। अब बिना किसी गारंटी के किसानों को 1।60 लाख तक का लोन मिल सकेगा, पहले ये लिमिट 1 लाख रुपये तक की थी। इसके लिए जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।

आपको बता दें, रेपो रेट वो दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है और बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक से मिलने वाले कई तरह के कर्ज सस्ते हो जाते हैं। इसमें होम लोन और व्हीकल लोन शामिल हैं।