माल्या को भारत वापस लाने का रास्ता साफ, शराब कारोबारी के प्रत्यर्पण में पाक से जुड़ा है ये खास कनेक्शन

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साभार: Google

नई दिल्ली: बैंक डिफाल्टर और विदेश भागने वाले विजय माल्या को देश वापस लाने का रास्ता साफ हो गया है। बहुत जल्द ही देश छोड़कर लंदन भागने वाला माल्या भारत वापस लाया जा सकता है। यूके की सरकार ने माल्या के प्रत्यापर्ण की मंजूरी दे दी है। बता दें कि प्रत्यापर्ण से पहले विजय माल्या ने यूके के कोर्ट से 14 दिन की मोहलत मांगी है। जिसके बाद यह साफ हो गया है कि फरवरी महीने के अंत तक ही माल्या को भारत वापस आ सकता है।

विजय माल्या को वापस लाने के भारत के प्रयासों की बड़ी कामयाबी में भारतीय मूल के ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावीद का अहम रोल माना जा रहा है। जावीद का ब्रिटेन का गृह मंत्री बनना कई मायनों में खास है। वो इस पद पर पहुंचने वाले पहले अश्वेत और अल्पसंख्यक नेता हैं। जावीद के पिता एक बस ड्राइवर थे। उनके पिता शुरुआत में भारत में रहे, फिर पाकिस्तान चले गए। 1960 के दशक में पाकिस्तान से आकर ब्रिटेन में बस गए थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। उनका मानना है कि वह किसी धर्म का पालन नहीं करते हैं। उन्होंने एक इलेक्शन कैंपेन में कहा था कि मेरे परिवार का जुड़ाव इस्लाम से रहा है। लेकिन मैं किसी भी धर्म का पालन नहीं करता हूं। मेरी पत्नी ईसाई धर्म में जरूर विश्वास रखती है।

जावीद ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण के दस्तावेज जावीद ने सारे मामलों पर विचार करने के रविवार को माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर दस्तखत कर दिए। गृह कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि सभी प्रासंगिक मामलों पर विचार करने के बाद तीन फरवरी को मंत्री ने विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर दस्तखत कर दिए।

गौरतलब है कि कि भारतीय बैंकों से धोखाधड़ी मामले में आरोपी माल्या को लंदन से लाने की कोशिश काफी सालों से की जा रही जिसकी सफलता अब मिलती दिखाई दे रही है। धोखाधड़ी के मामले की जांच के समय ही साल 2016 में माल्या लंदन भाग गया था। माल्या को वापस लाने के लिए मोदी सरकार और जांच एजेंसियों ने लंबी लड़ाई लड़ी। अब साल 2019 में यूके की होम ऑफिस ने भी माल्या के प्रत्यार्पण संबंधी फाइल पर दस्तखत कर दिया है जिसके बाद उसे भारत वापस लाने का रास्ता साफ हो गया है।