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एयरस्ट्राइक के बाद PAK को नक्शे से मिटाने की तैयारी में था भारत, मोड़ दी थी 6 मिसाइलों की दिशा

नई दिल्ली: 14 फरवरी को जो कुछ पुलवामा में हुआ था, उससे ना सिर्फ भारत की जनता बल्कि भारतीय सेना का एक-एक जवान बदले का इंतजार कर रहा था। पुलवामा हमले के ठीक 12 दिन बाद पाकिस्तान में घुसकर जो कुछ भारतीय वायुसेना ने किया था, उससे भी भारत का मन नहीं माना। भारत ने ठान लिया था कि इस बार तो पाकिस्तान को नक्शे से ही हटा देंगे।

ये दावा हम नहीं कर रहे हैं बल्कि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने ये दावा किया है। विंग कमांडर अभिनंदन के पकड़े जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर मिसाइल हमले की तैयारी कर ली थी। रॉयटर्स ने भारत, पाक और अमेरिकी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी में एक समय ऐसा था जब भारत ने पाक को 6 मिसाइल दागने की चेतावनी दे दी थी। हालांकि, अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद भारत ने हमले की शुरुआत न करने का फैसला किया।

रिपोर्ट्स की माने तो भारत की एयर स्ट्राइक के अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाक वायुसेना द्वारा सीमा लांघे जाने पर भारत ने पाक को सीधे हमले की धमकी दी थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख असीम मुनीर से बात की थी। डोभाल ने सख्त लहजे में कहा कि पायलट अभिनंदन भले ही उनकी गिरफ्त में हो, लेकिन आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत के रवैये में कोई अंतर नहीं आने वाला। अगर पाक नहीं सुधरा तो उस पर मिसाइलों से हमला किया जाएगा।

भारत-पाकिस्तान के बीच बनी तनावपूर्ण माहौल का सबसे ज्यादा डर अगर किसी देश को था तो वो अमेरिका था। जिस समय भारत-पाक के बीच जब तनाव बढ़ रहा था तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उत्तर कोरिया के तानाशाह किम-जोंग-उन के साथ हनोई में मीटिंग कर रहे थे। हालांकि, इसके बावजूद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत के साथ संपर्क में थे।

भारत में तैनात एक विदेश राजनायिक के मुताबिक, अमेरिका की पहली कोशिश पायलट अभिनंदन को छुड़ाने की थी। ऐसे में उसने भारत से आश्वासन लिया कि वह पाक पर हमले के लिए मिसाइलों का इस्तेमाल न करे। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए पोम्पियो ने पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज से फोन पर बात की। भारत-प्रशांत क्षेत्र के कमांडर एडमिरल फिल डेविडसन ने भी सिंगापुर में कबूल किया था कि वे भारतीय नौसेना के प्रमुख सुनील लांबा से संपर्क में हैं।