‘Premature Babies’:बच्चों को हो सकती है दिल की बीमारी!
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‘Premature Babies’:बच्चों को हो सकती है दिल की बीमारी!

Premature Babies: जब कोई महिला मां बनने वाली होती है। तो वो बेहद खुश होती है। साथ ही उसके परिवार वालों की भी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं होता है। एक बच्चे का इस दुनिया में आने का सही वक़्त होता है 36 सप्ताह। और जब 36 सप्ताह के बाद बच्चा इस दुनिया में आता है। तो वो बिलकुल फिट और नार्मल होता है। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो Premature पैदा होते हैं। लेकिन ये तब होता है जब बच्चे 36 सप्ताह से पहले पैदा हो जाते हैं। साथ उनको दिल से जुडी बीमारी होने का भी खतरा होता है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने बेबी को फिट और नार्मल (Fit & Normal) रख सकते हैं।

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Premature Babies को होने वाली बीमारियां

जब बेबी Premature होते है। तो उनको बहुत सारी बीमारियां होने का खतरा होता है।Premature Baby बेहद की नाज़ुक होते है। उनका वज़न आम बच्चे से बहुत कम होता है। उनकी त्वचा ट्रांसपेरेंट होती है। और उनकी सेहत भी कमज़ोर होती है। जिस वजह से उनको पीलिया, बुखार (Fever) और दिल की बीमारी (Heart Disease) होने के चांसेस ज्यादा होते हैं।

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क्या है दिल की बीमारी के बचने का इलाज

Premature Baby को दिल की बीमारी होने की ज्यादा संभवना होती है। बच्चे को इस बीमारी के बचने के लिए बच्चे को मां का दूध पिलाए। मां का दूध बच्चे के लिए सबसे अच्छा होता है साथ ही पौष्टिक भी होता है।

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इन बातों का रखें ध्यान

जब बच्चे का जन्म 36 सप्ताह से पहले हो जाता है। तो बच्चे के सभी अंग विकसित नहीं होते हैं और उनका इम्यून सिस्टम भी काफी कमजोर होता है। समय से पहले जन्में नवजात शिशुओं की देखभाल (Premature Baby Care Tips) में जरा सी भी लापरवाही बरतना उनकी जान के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए ऐसे बच्चों का ध्यान रखने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा।

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Infectionका रखें ध्यान

प्री मेच्योर बेबी को सबसे पहले इन्फेक्शन (Premature Baby Care Tips) लगने का डर होता है। ऐसे में उनकी देखभाल काफी अलर्ट होकर करना चाहिए। चूंकि समय से पहले इनका जन्म होता है। जिससे इनकी इम्यून पावर ठीक तरह से नहीं बनती है। ऐसे में बच्चे को घर लाने के बाद घर और बाहरी लोगों को बच्चे के पास ना आने दें।

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गर्म एनवायरनमेंट (Warm Environment)

मां को अधिक समय तक अपने बच्चे के पास रहना चाहिए। उसे अपने शरीर (सीने) से चिपका कर सुलाना चाहिए। इससे बच्चा गर्म रहेगा। खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। इससे वह अपनी मां को पहचानेगा। उसका विकास भी जल्दी होगा।

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चेकअप कराते रहें (समय से पहले बच्चे, फिट और सामान्य, समय से पहले बच्चों को दिल की बीमारी हो सकती है, समय से पहले बच्चे की देखभाल युक्तियाँ, संक्रमण, गर्म वातावरण, दिनचर्या जाँच,)

प्रीमेच्योर बेबीज को डॉक्टर के कहे अनुसार देखभाल की जरूरत होती है। उसमें जब भी कोई तकलीफ नजर आए, तो डॉक्टर के पास बिना देर किए ले जाएं। ऐसे बच्चे को सांस और आंखों से संबंधित रोग अधिक होते हैं। नियमित रूप से चेकअप कराने से आपको पता चलता रहेगा कि उसका विकास ठीक तरीके से हो रहा है या नहीं।

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2 December, 2019

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Twinkle98