Salt Tea: क्या आपकी चाय में नमक है, नमक की चाय के हैं बेहद फायदे
सेहत

Salt Tea: क्या आपकी चाय में नमक है, नमक की चाय के हैं बेहद फायदे

चाय एक ऐसा शब्द है जिसे सूनते ही आपका उसे पीने का मन बन ही जाता है। गर्मियों में तो लोग चाय पीते ही है लेकिन सर्दियां आते-आते चाय की फरमाइश बढ़ जाती है। कुछ लोग कम मीठी चाय पीते है तो कुछ ज़्यादा, मगर कुछ ऐसे भी लोग है जो नमक की चाय (Salt Tea) पीते हैं। नमक की चाय के अपने ही फायदे (Benefits of Salt Tea) होते है। नमकवाली चाय सिर्फ अपने स्वाद के लिए ही पसंद नहीं की जाती है, बल्कि इसके कई फायदे भी हैं। यह गले की खराश, कफ, सिर दर्द और खांसी जैसी समस्याओं के लिए भी कारगर है।

source-google

भोपाल की नमक वाली चाय

भोपाल शहर तहजी़ब का शहर है। ये शहर तमाम तरह के जायकों के लिए भी जाना जाता है। यहां की नमक वाली चाय आज भोपाल की पहचान बन चुकी है।  भोपाल की मशहूर नमक वाली चाय को शमाबार,सुलेमानी और घूंघट वाली जैसे कई नामों से भी जाना जाता है। शाम ढलते ही पुराने भोपाल में सालों पुरानी चाय की कुछ दुकानों में भीड़ उमड़ पड़ती है और शुरू हो जाता है चुस्कियों का दौर, जो आधी रात तक चलता है। ये वो नमक वाली चाय है, जो आज भोपाल के जायके की पहचान बन चुकी है।आज भी पुराने भोपाल में मुमताज होटल, पटेल होटल और राजू टी स्टाल में शाम होते ही नमक वाली चाय के कद्रदानों का जमावड़ा लग जाता है।

source-google

कैसे बनती है नमकवाली चाय

एकपात्र में चाय पत्ती, शक्कर और खड़ा नमक डालकर उबाला जाता है। इससे बनी चाय को तांबे के शमाबार में डाला जाता है और धीमी आंच पर पकाया जाता है। दूसरे पात्र में गर्म हो रहे दूध में इस चाय को मिलाते हैं और नमक वाली चाय तैयार हो जाती है।

source-google

नमक के हमारे बॉडी में क्या होते है फ़ायदे

नमक किचन का राजा होता है। यह एक एक ऐसा मसाला है जो हर चीज में इस्तेमाल होता है। कुछ लोग कम नमक खाना पसंद करते हैं तो कुछ लोग अधिक नमक खाना पसंद करते हैं। नमक सोडियम का सबसे अच्छा और सीधा स्त्रोत है। सोडियम खाना पचाने के साथ ही हमारे पाचन तंत्र को भी अच्छा रखता है।  करने से गले में आराम मिलता है। नमक 1 नहीं 5 तरीके के होते है। तो जानते है नमक के वो पांच तरीके :-

source-google

1. टेबल साल्ट (सादा नमक) – इस नमक में सोडियम की मात्रा सबसे अधिक होती है। टेबल सॉल्ट में आयोडीन भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। यदि नमक का सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह कई फायदे करता है लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन हमारी हड्डियों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जिससे हड्डियों कमजोर होने लगती हैं। आजकल के युवा कई तरह के हड्डी रोगों से प्रभावित है। इसका सबसे बड़ा कारण नमक का अधिक सेवन और फास्ट फूड की लत है।

source-google

2. सेंधा नमक – इसे रॉक सॉल्ट, व्रत का नमक और लाहोरी नमक से भी पुकारा जाता है। यह नमक बिना रिफाइन के तैयार किया जाता है। हालांकि इसमें कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा सादे नमक की तुलना में काफी ज्यादा होती है। साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा होता है। जिन लोगों को हार्ट और किडनी सें संबंधित परेशानियां होती हैं उनके लिए इस नमक का सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है।

source-google

3. काला नमक (ब्लैक सॉल्ट) – काला नमक का सेवन हर तरह के व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है। इसके सेवन से कब्ज, बदहजमी, पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी आना और जी घबराने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। गर्मियों के मौसम में डॉक्टर भी नींबू पानी या फिर छाछ के साथ काला नमक का सेवन करने की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि काला नमक भले ही सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है लेकिन इसमें फ्लोराइड मौजूद होता है इसलिए इसके अधिक सेवन से नुकसान होने का खतरा भी रहता है।

source-google

4. लो-सोडियम सॉल्ट – इस नमक को मार्किट में पौटेशियम नमक भी कहा जाता है। हालांकि सादा नमक की तरह इसमें भी सोडियम और पौटेशियम क्लोराइड होते हैं। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या होती हैं उन्हें लो सोडियम सॉल्ट का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा हदय रोगी और मधुमेह रोगियों के लिए भी यह नमक फायदेमंद होता है।

source-google

5. सी सॉल्ट – यह नमक वाष्पीकरण के जरिए बनाया जाता है और यह सादा नमक की तरह नमकीन नहीं होता है। सी सॉल्ट का सेवन पेट फूलना, तनाव, सूजन, आंत्र गैस और कब्ज जैसी समस्याओं के वक्त सेवन करने की सलाह दी जाती है।

source-google

नमक हमारे शरीर में हर तरीके से फायदा करता है। आज दुनिया में नमक की दैनिक खुराक 9-12 ग्राम प्रतिव्यक्ति है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाव के अनुसार ये एक चाय के चम्मच यानि, 5-6 ग्राम होना चाहिए। बताते हैं कि इसकी आहार मात्रा प्रति दिन 2-3 ग्राम ही होनी चाहिए।

source-google
16 October, 2019

About Author

Ashish Jain