Women Hygiene: भारत सरकार(Indian Government) की वो योजनाएं जिनसे आज भी कई महिलाएं अनजान है

नई दिल्ली: आजकल हमारे समाज में महिला सशक्तिकरण, महिला जागरूकता अभियान, समान अवसर जैसे बहुत से अभियान चल रहे हैं। लेकिन ये अभियान कितने कारगर हुए इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। इस वक़्त हमारे समाज में ज़रूरत है hygiene के प्रति जागरूकता की ,क्योंकि आज भी भारत में hygiene की समस्या कई बीमारियों के साथ अनेकों तरह की समस्या लेकर आती है।

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भारत में sanitation की समस्या आज की तारीख़ में बहुत ही अहम मुद्दा है। कहीं गंदगी, कहीं कूड़ा-कचरा,और साथ ही महिलाओं के लिए पीरियड्स के दिनों में होने वाली hygiene समस्याएं कुछ मुख्य परेशानियां हैं। आज हम आपको women hygiene से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियां देगें जिन्हें हर महिला को पता होना चाहिए। साथ ही अगर आप किसी लड़की के मां , पिता, भाई, पति हैं या आपके भी परिवार में कोई लड़की या महिला है तो आप जरूर पढ़ें।

भारत सरकार की वो योजानाएं जिसके बारे में महिलाएं नहीं जानती

साथ ही आज हम बात करेंगे की भारत में सरकार ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए क्या क़दम उठायें हैं। स्वच्छता अभियान एवं , आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के साथ हमारे सरकार ने ऐसी भी कुछ योजनाएं लागू की है। जिसको अधिक लोग जानते भी नहीं है। आज हम स्वास्थ सम्बन्धी ऐसी योजनाओं की भी बात करेंगे।

Sanitary Napkins की समस्याएं- आज भी भारत में लगभग 45 फ़ीसदी महिलायें और लड़कियां सेनेटरी पैड्स का प्रयोग नहीं कर पाती हैं। ना सिर्फ ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी ऐसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में अक्सर महिलायें कपड़े का प्रयोग करती हैं। हालांकि कपड़ों का प्रयोग बहुत ही बड़ी इन्फेक्शन की समस्या को जन्म देता है।

ग्रामीण इलाकों में लड़कियां पीरियड्स के दिनों में अक्सर स्कूल नहीं जा पाती, वहीं काम करने वाली महिलायें भी इन दिनों काम पर नहीं जा पाती क्योंकि उनके पास सेनिटरी पैड्स नहीं होते हैं। रिसर्च के मुताबिक विशेषज्ञों ने यह बताया है की कपड़े प्रयोग करने से महिलाओं में अनेकों तरह के इन्फेक्शन देखने को मिलते हैं। अक्सर लड़कयों में कपड़े के प्रयोग से uterus सम्बंधित समस्यायाओं का सामना करना पड़ता है ।

सरकार द्वारा उठाये गए कदम- अगर हम बात करें सरकार की तो सरकार ने सवास्थ्य एवं स्वच्छता सम्बन्धी बहुत योजनाएं निकाली है । आयुष्मान भारत ,स्वच्छता अभियान आदि इनमें से कुछ हैं। इसी प्रकार सरकार ने महिलाओं से सम्बंधित कुछ योजनाएं निकाली है जिससे उन्हें sanitary pads प्राप्त हो सके। आईये जानते हैं इन योजनाओं के बारे में –


Biodegradable Sanitary pads : वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने महिला दिवस के अवसर पर देशभर की महिलाओं के लिये बहुत ही बेहतर तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर Biodegradable Sanitary pads लॉन्च कर दिया है । यह पैड्स प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना केंद्रों से ख़रीदा जा सकता है।

अब स्कूलों में भी आसानी से मिल जाता है sanitary napkins

भारत सरकार ने मिडिल और हाई स्कूलों में भी बच्चियों के लिए sanitary napkins उपलब्ध कराने की सुविधा दी है। सबसे पहले 2016 में दिल्लीं के सरकारी स्कूलों में लड़कियों को किशोरी योजना के तहत मुफ्त में sanitary napkin दिया गया इसके बाद ये योजना भी लड़कियों के हित में कारगर निकली ।

ऐसी ही बहुत सी योजना राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने लागू किया है। जिसे आपको जानने की जरुरत है क्योंकि यह आपका अधिकार है। सरकार द्वारा चलायी जाने वाली ऐसी योजनओं का मकसद उन गरीब बच्चियों तक ये सुविधा पहुंचाना जो अपने पीरियड्स के दिनों में पैड्स न होने की वजह से पढ़ने नहीं जाती।

बहुत लोग ऐसे भी हैं जो पैसों के अभाव में sanitary pads नहीं खरीद सकतें है ऐसे में यह योजना उनके लिए बहुत ही लाभदायक है । सरकार द्वारा लागू किये गए हर योजना का लाभ उठायें एवं अपने आस पास के लोगों को भी जानकारी दें। क्योंकि ये आपका अधिकार तो है ही साथ ही यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी जरुरी है। ऐसे दिनों में साफ सफाई का खास ध्यान दें और कपड़े के प्रयोग से बचें और बचाएं।