पेट की गर्मी कम करता है चन्द्रभेदी प्राणायाम, जानिए इसके अद्भुत फायदे

  • कई बीमारियों से बचाता है चन्द्रभेदी प्राणायाम
  • चन्द्रभेदी प्राणायाम करते समय रखे इन बातों का खास ख्याल

नई दिल्ली। दुनिया अब मान चुकी है योग व ध्यान में एैसी शक्ति है जो बड़ी से बड़ी बीमारियों को खत्म कर सकती है। जी हां समय के साथ इंसान की उम्र जैसे-जैसे  बढ़ती है वैसे-वैसे वह उसकी सेहत भी गिरने लगती है।

इस लेख में हम आपको योग में से एक योग क्रिया बताने जा रहे हैं जो आपको कई बीमारियों से बचा सकती है। जी हां हम बात कर रहे हैं चन्द्रभेदी प्राणायाम की। इस योग को करने से हमारे अंदर की नाड़ियां ठीक हो जाती हैं। जी हां ये योग हमें कई बीमारियों से भी बचाता है।

चन्द्रभेदी प्राणायाम के लाभ

  1. चन्द्रभेदी प्राणायाम योग शरीर की गर्मी को कम करता है और ठंडक पहुंचाता है।
  2. चन्द्रभेदी प्राणायाम डकार खासकर की खट्टी डकारों को खत्म कर देता है।
  3. मुंह के अंदर के छालों को खत्म कर देता है चन्द्रभेदी प्राणायाम।
  4. वे लोग जो चर्म रोग से ग्रसित हैं उनके लिए चन्द्रभेदी प्राणायाम फायदेमंद है।
  5. पेट को ठंडक पहुंचा कर पेट की गर्मी व रोग भी ठीक करता है चन्द्रभेदी प्राणायाम । 
  6. चन्द्रभेदी प्राणायाम प्राणायाम दिल के रोग में भी लाभकारी है।

फायदों के बारे में अब आप जान चुके हैं, तो चलिए अब जानते हैं चन्द्रभेदी प्राणायाम करने के तरीके यानि की विधि के बारे में –

  • सबसे पहले आप किसी साफ जगह पर बैठें।
  • अब वहां पर दरी या कंबल को बिछा लें। योगा मैट भी उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके बाद आप अपने दोनों पैरों के बल पर बैठ जाएं।
  • यानि की आप सुखासन स्थिती में आ जाएं।
  • इसके बाद अब आप बांये यानि की उल्टे हाथ को अपने घुटने पर रख दें। और फिर सीधे हाथ के अंगूठे से उल्टी नाक के छेद को बंद कीजिए।
  • अब आप उल्टी नाक से गहरी और लंबी सांस को भर लें। और अपने हाथ की उंगलियों से सीधे नाक के छेद को बंद कर लें।
  • अपने अनुसार ही आप जितनी देर तक सांस को रोक सकते हैं रोकें।
  • दस बार इस योग की क्रिया को जरूर करें।

चन्द्रभेदी प्राणायाम की सावधानियां

  • हर योग के लाभ और हानियां भी होती हैं। इसलिए जरूर है इसके बारे में जानकारी का रखना जिससे सिर्फ आपको इसके लाभ ही मिले। 
  • दमा के रोगी, दिल के मरीज, या फिर जिनका ब्लडप्रेशर लो रहता हो वे भूलकर इस योग को ना करें। यदि वे करना भी चाहते हों तो किसी योग गुरू या योगा टीचर की सलाह जरूर लें।