सिर्फ बुखार नहीं ये भी हैं डेंगू के लक्षण, थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी

नई दिल्ली: बरसाती मौसम के शुरू होते ही अनेकों इन्फेक्शन से होने वाली बीमारियां जन्म लेने लगती है। इस मौसम के शुरू होने से पहले ही अक्सर लोग अपनी सेहत को लेकर परेशान हो जाते हैं, क्योंकि इस मौसम में वायरस और विषाणुओं से होने वाली बीमारियां विशेष तौर पर सक्रिय हो जाती हैं।

बारिश और कचरे से निकलने वाले कीटाणुओं में सबसे अधिक सक्रिय और घातक डेंगू को माना जाता है। डेंगू घातक बुखार के साथ पहचान दिखाता है। जो खतरनाक मच्छरों के काटने से होता है। आज हम आपको बताएंगे डेंगू होने के कारण एवं इससे बचने के कुछ घरेलू उपाय जिनसे सतर्क रहकर आप इन खतरनाक कीटाणुओं से बच सकते हैं। उससे पहले आपको बताते हैं कि आखिर डेंगू है क्या ?

क्या है डेंगू ?

डेंगू एक इन्फेक्शन से होने वाली बीमारी है जो डेंगू के वायरस और एडीज इजिप्टी नामक मच्छरों के काटने से होती है। इस बीमारी में तेज बुखार और शरीर में चकत्ते बन जाते हैं। यह बीमारी इतनी तेजी से फैलती है कि अपने साथ कई तरह के विषाणुओं सक्रीय कर देती है। यह बुखार बहुत ही तकलीफदेह होता है। जिसमें मरीजों को बेहद ही शारीरिक तकलीफ़ों का सामना करना पड़ता है। इस बुख़ार में अक्सर हड्डियों में दर्द की समस्या होती है। यह बीमारी खास कर बरसात के मौसम में ज्यादा होती है, क्योंकि बरसात में गंदगी अधिक होती है। कई बार इस बीमारी की वजह से शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है।

डेंगू बुखार के प्रकार ?

खासकर यह बीमारी गंदगी की वजह से होती है। मादा मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी के 4 प्रकार होते हैं। डेंगू बुखार के चार प्रकार कुछ इस तरह के होते हैं- DEN 1 , DEN 2, DEN 3, DEN 4 सरोटाइप। इनमें भी सेरोटाइप 2 और 4 सेरोटाइप 1 और 3 के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होते हैं। अगर किसी इंसान को इनमें से किसी एक प्रकार का डेंगू हो जाये तो फिर जीवन में वह व्यक्ति इस संक्रमण की बीमारी से बचा रहता है। लेकिन बाकी डेंगू के 3 प्रकार से इंसान अधिक दिनों तक सुरक्षित नहीं रहता है।

क्या है डेंगू बुखार के लक्षण ?

  • डेंगू बुखार 3 से 15 दिनों तक रहता है
  • डेंगू में तेज बुख़ार और सिरदर्द के साथ शरीर में भी तेज दर्द होता है
  • ब्लड प्रेशर का अचानक से कम हो जाना भी डेंगू के लक्षण होते हैं
  • अचानक शरीर का तापमान बढ़ना
  • डेंगू बुखार में मरीज़ की आंखें एवं हथेली लाल होने लगती है
  • नाक और मसूड़ों से खून आना

डेंगू से बचने के तरीके –

  • डेंगू से बचाव का सबसे बेहतर तरीका साफ सफाई का ध्यान रखना है
  • डेंगू मच्छरों से बचने के लिए हर सार्थक प्रयास करें
  • टंकी एवं कूलर के पानी में अक्सर ऐसे मच्छर पैदा होते हैं, इसलिए ऐसे पानी का खास ध्यान रखें
  • कचरे को हमेशा सुरक्षित रखें, खुले स्थान पर कचरे को कभी भी नहीं छोड़े

डेंगू से बचने के कुछ घरेलू उपचार –

  • डेंगू बुखार के दौरान आप अधिक से अधिक विटामिन सी का सेवन करें, जैसे आंवला एवं संतरे खाएं।
  • अधिक से अधिक हल्दी का सेवन करें।
  • अधिक से अधिक पानी पियें।