सावधान! दुनिया में चुपचाप फैल रहा ये फंगस, 90 दिन में हो जाती है मौत… दवा-इलाज सब बेअसर

  • 2011 से चुपचाप भारत में फैल रहा है यह फंगस, अब तक ले चुका है कई जानें
  • कोई भी दवा नहीं कर रही इस फंगस पर असर, सामान्य बीमारी जैसे हैं लक्षण

नई दिल्ली। मेडिकल विज्ञान की दुनिया में इन दिनों एक नया फंगस कैंडिडा ऑरिस डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कैंडिडा ऑरिस फंगस पर ना तो कोई दवा असर कर रही है और ना ही अब तक इसका कोई इलाज मिल पाया है।

डरावनी बात यह है कि कैंडिडा ऑरिस फंगस की चपेट में आने के बाद 30 दिनों के भीतर मरीज की मौत हो जाती है। मेडिकल विज्ञान के लिए रहस्य बना कैंडिडा ऑरिस पिछले आठ सालों से भारत में चुपचाप कई जिंदगियां लील चुका है।

पहली बार 2011 में सामने आया था मामला

  • मेडिकल वैज्ञानिकों ने कैंडिडा ऑरिस फंगस को पहले ही दुनिया के लिए खतरा घोषत कर दिया है। भारत में कैंडिडा ऑरिस का पहला मामला 2011 में सामने आया था।
  • हाल ही में एम्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों द्वारा मरीजों की प्रोफाइल पर की गई स्टडी में यह बात सामने आई कि अस्पताल में साल 2012 से 2017 के बीच भर्ती हुए मरीजों में से करीब हर 10 मामलों में से दो मामले कैंडिडा ऑरिस के थे।

कोई दवा नहीं आ रही काम

चिंता का विषय यह है कि कैंडिडा ऑरिस की चपेट में आए मरीज पर कोई दवा काम नहीं कर रही। फंगस से संक्रमित मरीजों को आमतौर पर ऐंटीफंगल्स — Fluconazole (55%) और Voriconazole (35%) का इस्तेमाल होता है, लेकिन दोनों दवाएं बेअसर साबित हुई हैं। यह दवाइयां मरीजों को तब दी जाता है जब उन पर ऐंटीबैक्टीरिया दवाइयां असर नहीं करती हैं।

90 दिन के अंदर मरीजों की मौत

  • कैंडिडा ऑरिस एक ऐसा फंगस है जो आमतौर पर अस्पताल के वातावरण में मौजूद रहता है और कमजोर इम्यूनिटी के मरीजों को अपना शिकार बनाता है। साल 2011 में देश के 27 मेडिकल और सर्जिकल आईसीयू में इस फंगस को लेकर मल्टी-सेन्ट्रिक ऑब्जर्वेशनल स्टडी की गई थी।
  • इस स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया कि अप्रैल 2011 से सितंबर 2012 के बीच भर्ती मरीजों में से 6.51 प्रतिशत कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित थे। इसके इन्फेक्शन को सिर्फ 27.5% मामलों में ही ठीक किया जा सका जबकि 45% मरीजों को बचाया नहीं जा सका। उनकी मौत 90 दिनों के अंदर हो गई।

कैंडिडा ऑरिस के लक्षण

  1. बुखार, शरीर में दर्द और थकान।
  2. कैंडिडा ऑरिस की चपेट में आए व्‍यक्ति पहले सामान्य प्रतीत होता है
  3. पहले से बीमार व्‍यक्ति कैंडिडा ऑरिस की चपेट में आसानी से आता है
  4. कैंडिडा ऑरिस के मरीज पर सामान्य लक्षण दिखते हैं, लेकिन यह बेहद घात क हैं
  5. कैंडिडा ऑरिस फंगल इंफेक्‍शन से बीमार शख्‍स की देखभाल करने वाले भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं