कमर के दर्द से परेशान लोगों के लिए वरदान है योग, इन 7 योगासनों से छूमंतर होगा दर्द

नई दिल्ली। आजकल पीठ दर्द की समस्या आम बात हो गई है। पीठ दर्द से परेशान लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। वास्तव में इसके पीछे का मुख्य कारण मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में तनाव होना है। इसके अतिरिक्त वजन बढ़ना, गलत तरीके से बैठना और शरीर में कैल्शियम की कमी होना भी पीठ दर्द की वजह बन सकती है। ऐसे में आप कुछ योगासनों को अपनाकर अपनी पीठ को मज़बूत, स्ट्रेचबल और रीढ़ की हड्डी व नसों के संचालन को बनाये रख सकते हैं।

आइये जानते है ऐसे 7 योगासन जिनकी मदद से आप अपने कमर के दर्द से निजात पा सकते है –

1. मार्जरी आसन: मार्जरी आसन करने के लिए अपने हाथों और घुटनों पर टेबल टॉप की स्थिति में आये। अपनी पीठ को आर्च करते हुए, अब इसे गोलाकार करें, जैसे आप अपने हाथों और पैरों से फर्श को नीचे धकेल रहे हो। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मालिश करने में मदद करता है, जबकि पीठ और धड़ को स्ट्रेच देता है।

मार्जरी आसन के फ़ायदे – मार्जरी आसन पीठ के लिए बहुत ही आसान और आरामदायक आसन है।

2. अर्धमत्स्येन्द्रासन : यह एक बहुत ही प्रभावशाली और बुनियादी मरीचि आसन में से एक है। अपने बाएं पैर को सीधा रखे और दाहिना पैर मोड़े, ताकि पैर सपाट रहे। सहायता के लिए अपने पीछे अपना दाहिना हाथ रखें और बाएं हाथ की कोहनी को दाहिने घुटने पर रखें।

अर्धमत्स्येन्द्रासन के फ़ायदे –अर्धमत्स्येन्द्रासन से हमारी रीढ़ की हड्डी मुड़ती है। आमतौर पर हमें इस प्रकार का खिंचाव नहीं मिलता। इसलिए यह खिंचाव रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत लाभदायक है।

3. हलासन: हलासन के लिए ज़मीन पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। हाथों को पीठ के बगल में सीधा टिकायें। दोनों पैरों को एक दूसरे से मिलाकर रखें। आंखें बंद करके अपने शरीर को ढीला छोड़ दें। अब कोहनियों को जमीन पर टिकाये हुए दोनों हाथों से पीठ सहारा दें। अब इस मुद्रा में एक दो सांस अंदर बाहर ले और सुनिश्चित करें कि आपका संतुलन सही बना हुआ है। अब दोनों टांगों को बिलकुल पीछे ले जाएं। जितना संभव हो इसी मुद्रा में बने रहें। और फिर धीरे -धीरे वापस ले आयें। 

हलासन के फायदे – हलासन से पीठ के ऊपरी भाग और गर्दन में खिंचाव आता है।

4. पश्चिमोत्तानासन आसन: इस आसन से आपको सिर्फ कमर दर्द में फायदा नहीं होगा, बल्कि यह आपकी पूरी लोअर बैक को खोल सकता है। कठोरता और दर्द से जूझ रहे लोगों को यह आसन राहत प्रदान करता है। आसन करने के लिए अपने पैरों को आगे की ओर फैला कर बैठ जाएं। धीरे -धीरे कूल्हे की ओर से झुकते हुए पैरों-टखनों को पकड़े। अपनी पीठ को गोल करने की बजाये] अपने sternum को आगे झुकना जारी रखें और धड़ को लम्बा करें। यदि इससे आपकी पीठ पर दर्द होता हो तो पैरों को ज़रूरत के मुताबिक मोड़े।

पश्चिमोत्तानासन के फायदे – पश्चिमोत्तानासन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को खोलता है और दर्द व ऐंठन को भी कम करता है। इस आसन को वो लोग न करें, जिनको कमर के निचले हिस्से में चोट या स्लीप डिस्क की समस्या हो।

5. बालासन: बालासन बच्चों के आराम करने का एक अद्भुत तरीका है। यह आपकी पीठ और कूल्हों को स्ट्रेच कर सकता है। बालासन करने के लिए ज़मीन पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठा लें। सांस छोड़ते हुए ओर कूल्हों से झुकते हुए नीचे आएं। तब तक झुकें, जब तक हथेलियां ज़मीन पर न लग जाए। अब एक गहरी लम्बी सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। इस मुद्रा में आप जितनी देर रह सकते है उतनी देर रहें।

बालासन के फायदे – बालासन हमारे लिए आरामदायक आसन है। इससे हमारे पूरे शरीर को आराम मिलता है।

6. शलभासन : अपनी पीठ और नितम्भों को मज़बूत करने के लिए शलभासन एक शानदार आसन है। इसे करने के लिए अपने पेट के बल लेट जाएं और बगल में हाथों को टिकाएं। ठोडी को आगे लायें और ज़मीन पर रख लें। आंखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दे। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठायें। टांगों को ऊपर उठाते समय एक साथ रहनी चाहिए और अपने हाथों से ज़मीन पर दबाव बनायें। उसके बाद 30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी स्थिति में बने रहें और धीरे-धीरे वापस आएं। 

शलभासन के फायदे – शलभासन से पीठ का निचला हिस्सा मज़बूत होता है। इसे अपनी क्षमता के अनुसार ही करें जितना हो सके उतनी ही टांगें उठायें।

7. धनुरासन : धनुरासन के लिए पेट के बल ज़मीन पर लेट जाएं। दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ कर एड़ियों को कूल्हों पर टिकायें। अब हाथों से अपने टखने को पकडें। जितना हो सके अपनी जांघों और छाती को ऊपर उठायें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहे फिर धीरे से उसी अवस्था में वापस आएं।

धनुरासन के फायदे –धनुरासन एक कठिन आसन है, जो हमारी हड्डियों में मज़बूती लाता है।