‘Sharad Arvind Bobde’: भारत के अगले चीफ जस्टिस!
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‘Sharad Arvind Bobde’: भारत के अगले चीफ जस्टिस!

Sharad Arvind Bobde वो शख्स हैं जिन्होनें अयोध्या मामले में अपनी अहम भूमिका निभाई है। अयोध्या मामले की सुनवाई में ये पांच जजों की पीठ में शामिल थे। शरद अरविन्द बोबडे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं। लेकिन अब शरद अरविंद बोबडे अब चीफ जस्टिस का पदभार संभालेगें। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के बाद अब शरद अरविन्द बोबडे भारत के अगले यानी 47वें चीफ जस्टिस होंगे। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) द्वारा भारत का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और वह 18 नवंबर 2019 को शपथ लेंगे।

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Sharad Arvind Bobde का प्रारंभिक जीवन

Sharad Arvind Bobde का जन्म 24 April 1956 को नागपुर (महाराष्ट्र) में हुआ था। इनके पूरे परिवार में सभी लोग वकील रहे हैं। उनके दादा एक वकील थे। बोबडे के पिता अरविंद बोबडे 1980 और 1985 में महाराष्ट्र के advocate-general थे। साथ ही इनके भाई भी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील थे।

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Sharad Arvind Bobde का लॉ करियर

शरद अरविन्द बोबडे ने SFS College नागपुर में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। जिसके बाद 1978 में डॉ अंबेकर लॉ कॉलेज नागपुर यूनिवर्सिटी (Nagpur University) से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने 13 सितंबर 1978 को एक वकील के रूप में एडमिशन लिया। शरद अरविन्द बोबडे ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court )की नागपुर बेंच में प्रैक्टिस की और 1998 में सीनियर एडवोकेट बन गए।

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बोबडे को 29 मार्च 2000 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के एक और न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। वह 16 अक्टूबर 2012 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शामिल हुए और 12 अप्रैल 2013 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद को संभाला।

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किन-किन मामलों की सुनवाई में थे शामिल

शरद अरविंद बोबडे कई मामलों की सुनवाई में भी शामिल हुए है।

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आधार (Aadhaar)

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश की पुष्टि की और स्पष्ट किया कि आधार कार्ड के बिना कोई भी भारतीय नागरिक मूल सेवाओं और सरकारी सब्सिडी से वंचित नहीं हो सकता है। इस मामले की सुनवाई में शरद अरविंद बोबडे शामिल थे।

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समर्थक जीवन (Pro-life)

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की दो-न्यायाधीशों वाली बेंच ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर एक महिला की याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें कहा गया था कि 26-सप्ताह के भ्रूण को जीवित रहने का मौका है। इस बेंच में बोबडे और एल नागेश्वर राव शामिल थे।

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वातावरण (Environment)

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को मद्देनज़र रखते हुए भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की दो-न्यायाधीशों वाली बेंच ने साल 2016 में पटाखों पर बैन लगा दिया था। इस बेंच में बोबडे और एल नागेश्वर राव शामिल थे।

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अयोध्या मामला (Ayodhya case)

साल 2019 में 9 नवंबर को आए अयोध्या मामले पर पांच जजों की पीठ ने पहले मामले को सुना। जिसके बाद अपना फैसला सुनाया। इस पांच जजों की बेंच में बोबडे भी शामिल थे।

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16 November, 2019

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