जयन्ती ‘Subrahmanyan Chandrasekhar’ :जिन्होनें बताया था सितारों की संरचना और विकास का महत्व
शख्सियत

जयन्ती ‘Subrahmanyan Chandrasekhar’ :जिन्होनें बताया था सितारों की संरचना और विकास का महत्व

सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर भारतीय अमेरिकी खगोलविज्ञानी (Indian American astrophysicist) थे। ये अपने काम से बहुत प्यार करते थे इसलिए इन्होंने अपना ज्यादा से ज्यादा वक़्त संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में बिताया था। इन्होंने massive stars और black hole के उपचार के बाद कई बड़े बड़े प्रोजेक्ट्स भी किये हैं।

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Subrahmanyan Chandrasekhar का जीवन और एजुकेशन

सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर का जन्म 19 अक्टूबर 1910 को लाहौर, पंजाब, ब्रिटिश भारत (जो की अब पाकिस्तान है) में हुआ है। साल 1916 में वे लाहौर से अहमदाबाद सिफ़्त हुए, जिसके बाद वे 1918 में मद्रास आ गए थे।  चंद्रशेखर को 12 साल तक घर पर ही पढ़ाया था। साल 1925-1930 तक मद्रास से प्रेसिडेंसी कॉलेज में पढाई की। उन्होंने 1930 में भौतिक में अपनी बीएससी (Bsc) की डिग्री प्राप्त की।

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जुलाई 1930 में, चंद्रशेखर को कैंब्रिज विश्वविद्यालय में स्नातक की पढाई करने के लिए भारत सरकार की छात्रवृति से सम्मानित भी किया गया। जिसके बाद इनका कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज( Trinity College ) में एडमिशन हो गया।

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सितारों पर अपने काम के लिए इनको कांस्य पदक मिला जिसके बाद 1933 में चंद्रशेखर को कैंब्रिज से पीएचडी (phd) की डिग्री से नवाज़ा गया। साल 1933-1937 लेकर इनको ट्रिनिटी कॉलेज ( Trinity College) में एक पुरस्कार फ़ेलोशिप के लिए चुना गया। ये श्रीनिवासन रामानुजन के बाद ट्रिनिटी फ़ेलोशिप प्राप्त करने वाले दूसरे भारतीय बने।

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Subrahmanyan Chandrasekhar का करियर और रिसर्च

चंद्रशेखर अपने पुरे करियर के लिए शिकागो यूनिवर्सिटी ( University of Chicago ) में रहे। उन्हें 1941 में एसोसिएट प्रोफेसर का पद दे दिया गया था, जिसके दो साल बाद उनको प्रोफेसर बना दिया गया था। साल 1952 में वे खगोल भौतिकी के प्रोफेसर बने। इन्होंने अपनी पत्नी ललिता चंद्रशेखर से साथ अमेरिकी नागरिकता भी ले ली थी।

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Subrahmanyan Chandrasekhar  की किताबें

चंद्रशेखर जी की जो भी किताबें हैं वे सारी भौतिक विज्ञानं को लेकर हैं।

  • An Introduction to the Study of Stellar Structure.
  • Principles of Stellar Dynamics.
  • Radiative Transfer
  • Plasma Physics
  • Hydrodynamic and Hydromagnetic स्टेबिलिटी
  • The Mathematical Theory of Black होल्स
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Subrahmanyan Chandrasekhar के अवार्ड्स

चंद्रशेखर को सितारों की संरचना और विकास के भौतिक प्रक्रियाओं पर अध्यन के लिए 1983 में भौतिकी में नोबेल पुरुस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया गया था। उन्होंने इस अवार्ड को विलियम ए फाउलर (William A. Fowler) के साथ शेयर किया। नोबेल पुरस्कार के अलावा भी इनको पद्मा विभूषण (Padma Bhushan), कोपले मैडल जैसे कई अवार्ड्स से सम्मानित किया गया है।

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 Subrahmanyan Chandrasekhar के सफर का अंत

सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर का निधन हार्ट अटैक से 21 अगस्त 1995 को शिकागो में हुआ था। साल 1980 में इन्होंने शिकागो यूनिवर्सिटी ( University of Chicago) से प्रोफेसर की पद से रेटियरमेंट ले लिया था। जिसके बाद ये अपनी किताब लिख रहे थे. इनकी आखरी किताब “Newton’s Principia for the Common Reader” थी।

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18 October, 2019

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Ashish Jain