भारतीय मूल का वो कवि जिसे PAK राष्ट्रपति ने किया था सम्मानित,दोनों देशों को आज भी होता है गर्व

Special Desk: भारत सदियों से विश्व में अपनी संस्कृति, सभ्यता, परंपरा एवं काव्य रचनाओं के लिए जाना जाता है। अगर हम बात करें काव्य रचनाओं की, तो यहां एक से बढ़कर एक ऐसे लेखक और कवि हुए हैं जिन्होंने लेखन के जरिए दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

Image result for books of jameel jalibi
source-google

कुछ कवि ऐसे हैं जिन्होंने अपने कविताओं के माध्यम से दुनिया को प्रभावित किया, लोगों को जागृत किया एवं साथ ही साथ उनके सोचने के नजरिए को भी बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहें हैं, एक ऐसे लेखक और कवि के बारे में जिनका जन्म तो भारत में हुआ था लेकिन उन्हें सम्मानित किया पाकिस्तान ने। पाक के पूर्व राष्ट्रपति फ़ारुख अहमद लेगहरी ने साल 1994 में इन्हें सितार-ए-इम्तियाज़ और हिलाल-ए-इम्तियाज़ नामक दो बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया।

जमील जलीबी (Jameel Jalibi) का जीवन परिचय

  • हम बात कर रहें हैं भारतीय मूल के पाकिस्तानी लेखक और जानें-मानें उर्दू के मशहूर कवि मुहम्मद जमील ख़ान के बारे में। जिन्हें लोग प्यार से जमील जलीबी बुलाते थे। जिनका जन्म 30 जुलाई 1929 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में उस समय में हुआ जब भारत में अंग्रजों का राज था।
source-google
  • ब्रिटिश काल में इतनी विकट परिस्थितियां होने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा अलीगढ़ से ही पूरी हुई, उन्होंने मेरठ के एक कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।
  • भारत-पाकिस्तान के बटवारें से एक दिन पहले यानि कि 13 अगस्त 1947 को ही वो पाकिस्तान प्रांत के कराची शहर में रहने चले गए। जहां सिंध यूनिवर्सिटी से उन्होंने एम.ए और पी.एच.डी की डिग्री प्राप्त की।
Image result for jameel jalibi
source-google
  • जमील साहब अपने रचनाओं और कविताओं के कारण बहुत ही कम उम्र में लोगों के चहेते बन गए थे। उन्होंने एक उर्दु मासिक पत्रिका साकी में को-एडिटर के पद पर काम किया था। जहां उन्होंने बातें नाम से एक मासिक कॉलम लिखना शुरु किया, जो कि लोगों को बहुत पसंद आया था। हालांकि कुछ महीनों बाद उन्होंने नया दौर के नाम से एक मैगज़ीन की शुरुआत की।

जमील जलीबी ( Jameel Jalibi ) की किताबें और रचनाएं

जमील जलीबी ने अपने जीवनकाल में कई रचनाएं लिखी, जिनमें से सबके बारे में बता पाना तो बहुत मुश्किल है। लेकिन हम आपको उनके कुछ महत्वपूर्ण रचनाओं एवं किताबों के बारे में बताएंगे, जो बहुत ही लोकप्रिय है और जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया है। उन्हीं में से कुछ रचनाओं का जिक्र नीचे किया गया है –

  • दीवान-ए-हसन साकी
  • अरस्तु से इलिएट तक
  • हिंद-ओ-पाक में इस्लामी
  • इलिएट से मज्जामीन
  • पाकिस्तानी कल्चर
  • मीरा जी एक मुटाला

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने दिया था यह ख़ास पुरस्कार

बता दें कि साल 1994 में तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ारुख अहमद लेगहरी ने जमील जलीबी साहब को दो अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया था। जिसमें सितार-ए-इम्तियाज़ ( उतकृष्टता का सितारा ) और हिलाल-ए-इम्तियाज़ नामक पुरस्कार शामिल हैं। सितार-ए-इम्तियाज पाकिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है, जो 1994 में जलील साहब को मिला था।

Image result for books of jameel jalibi
source-google

बात करें तो इनका जीवन ही एक उदाहरण है, जो कि न जाने कितनी कठिनाईओं से तपकर इतनी ऊचाई पर पहुंचा। इनके द्वारा लिखित कविताएं और रचनाएं हमें सदा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।