‘Happy Birthday Dinkar D. Patil’: गोल्डन एरा (1950–1990) की मशहूर शख्सियत!
शख्सियत

‘Happy Birthday Dinkar D. Patil’: गोल्डन एरा (1950–1990) की मशहूर शख्सियत!

दिनकर द. पाटील मराठी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरे थे। ये मराठी फिल्म इंडस्ट्री के डायरेक्टर, स्क्रिप्ट राइटर और डायलॉग राइटर थे। दिनकर द. पाटील ने 60 से अधिक मराठी फिल्मों के लिए डायलॉग लिखे और साथ ही डायरेक्ट भी किया है। उन्होंने दो हिंदी फ़िल्मों-मंदिर और घरबार का निर्देशन भी किया। दिनकर द. पाटील ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘पटलेच पोर’ के नाम से लिखी है।

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Dinkar D. Patil का प्रारंभिक जीवन

दिनकर पाटिल का जन्म एक मराठा पाटिल परिवार में 6 नवंबर 1915 को कोल्हापुर के पास बेनाडी गाँव में हुआ था। उन्हें बचपन से ही मराठी स्टेज शो, मराठी नाटकों और सिनेमा में दिलचस्पी थी। उन्होंने कोल्हापुर में पढ़ाई की और बी.ए. साहित्य इन्होनें कोल्हापुर के राजाराम कॉलेज से किया।

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Dinkar D. Patil के करियर की शुरुवात

उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कोल्हापुर के बाबूराव पेंटर की फिल्म कंपनी में सहायक नौकरी से की थी और बाद में मास्टर विनायक के सहायक निर्देशक बन गए जिसके बाद ये खुद एक फिल्म निर्देशक बने। दिनकर पाटिल ने अपनी फिल्मों में मराठी लावणी लोक नृत्य पेश किया। जिससे उनकी फिल्में अधिक लोकप्रिय हुईं। उन्होंने 62 फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट और डायलॉग लिखे और 35 फिल्मों का निर्देशन किया। इसके अलावा उन्होंने कोल्हापुर में मराठी फिल्म सिटी चित्रनगरी (Chitranagari) की स्थापना के लिए भी अपना योगदान दिया।

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वृद्धावस्था के बावजूद उन्होंने महारानी तारा रानी (शिवाजी की बहू) पर एक फिल्म पूरी की। महान समाज सुधारक और तत्कालीन कोल्हापुर रियासत के शासक शायरी टेलीविजन पर राजर्षि शाहू महाराजा पर शो के लिए डायलॉग लिखे। 1950 से 1990 के दशक तक फिल्मकार के रूप में दिनकर पाटिल का शानदार करियर रहा।

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सफर का अंत

वे अपने जीवन के अधिकांश समय मुंबई में रहे लेकिन अपने जीवन के अंतिम वर्ष वहां बिताने के लिए कोल्हापुर लौट आए। कोल्हापुर में 90 वर्ष की आयु में 2005 में उनका निधन हो गया।

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5 November, 2019

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