उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस के आगे रख दी ये बड़ी शर्त, कहा- समझ आता है तो बताइएगा.. फिर आगे की बात करेंगे

नई दिल्ली: कहते हैं राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता, अगर कोई पार्टी साथ आती भी है तो उसमें कई फायदे देखे जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण अगर देखना है, तो दिल्ली से करीब 600 किलोमीटर दूर धरती के स्वर्ग में चलना होगा। जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने अपने साथी कांग्रेस को राजनीति का असली मतलब बता दिया है।

भले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस से गठबंधन की बात को स्वीकार लिया हो, लेकिन एक शर्त भी रखी है। उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि अगर वो दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है तो इसमें भी शर्तें लागूं होंगी। वो शर्त ये है कि घाटी (कश्मीर) की तीन सीटों पर केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार ही होंगे।

उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अगर कांग्रेस को ये शर्तें मंजूर हो तो हमे बता दें। अगर कांग्रेस को यह फार्मूला सूट करता है, तो हम अन्य सीटों के बारे में बात कर सकते हैं। देखते हैं कि हमें क्या प्रतिक्रिया मिलती है। आपको बता दें,जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 6 सीटें हैं। जिन्में से 3 सीटों पर बीजेपी की पुरानी साथी पीडीपी का राज है, तोवहीं तीन सीटों पर भगवा रंग जमा है।

बेटा इधर लोकसभा चुनाव की बात कर रहा था, तो पिता फारूख एक रैली में ये ऐलान कर रहे थे कि अब मैं राज्य का सीएम नहीं बनूंगा। अब समय नौजवानों का है। मैं बूढ़ा हो चुका हूं। इसलिए अब उमर ही राज्य के सीएम बनेंगे।