देश में पहली बार आधुनिक M-3 EVM से पड़ेंगे वोट, PM मोदी के खिलाफ 100 से ज्यादा खड़े हैं उम्मीदवार

  • मौजूदा ईवीएम में ज्यादा से ज्यादा जोड़े जा सकते थे 64 नाम, नई मशीन से निकला हल
  • एक साथ 384 उम्मीदवारों के नाम और नोटा का बटन इस नई मशीन से जुड़ सकता है

वाराणसी। लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव आयोग के सामने पीएम मोदी की सीट वाराणसी पर एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, इस बार वाराणसी लोकसभा सीटों बड़ी संख्या में प्रत्याशी पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव आयोग पहली बार नई एम-3 EVM मशीन का प्रयोग करने जा रहा है।

चुनाव आयोग ने निकाला मुश्किल का हल

  • तमिलनाडु के 111 किसानों द्वारा वाराणसी से चुनाव लड़ने का ऐलान किए जाने के बाद चुनाव आयोग के पास बैलेट पेपर से मतदान कराने का विकल्प बचा था।
  • ऐसे में चुनाव आयोग ने बैलेट पेपर की जगह देश में पहली बार आधुनिकतम एम-3 EVM मशीन से चुनाव कराने का फैसला लिया है।

वाराणसी से इन प्रत्याशियों ने ठोकी दावेदारी

वाराणसी लोकसभा सीट से इस बार बड़ी संख्या में चुनावी दावेदारों ने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। प्रमुख राजनीतिक दलों के अलावा तमिलनाडु के 111 किसान, बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर, रिटायर्ड जस्टिस सीएस कर्णन और भीम आर्मी के चंद्रशेखर भी वाराणासी से पर्चा भरने का ऐलान कर चुके हैं।

एडीएम ने की नई ईवीएम के इस्तेमाल की पुष्टि

  • वाराणसी के एडीएम सिटी विनय कुमार ने ईवीएम एम-3 का प्रयोग किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वाराणसी में 4756 बैलेट यूनिट, 3578 कंट्रोल यूनिट और 3518 वीवीपैट है। जरूरत पड़ने पर और बैलेट यूनिट मंगाई जाएंगी।
  • एडीएम कुमार ने बताया कि आधुनिकतम एम-3 ईवीएम छेड़छाड़ होने पर काम करना बंद कर देती है। कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को मैच न कराने पर भी यह काम नहीं करेगी।

क्या है नई ईवीएम मशीन की खासियत

  1. लोकसभा चुनाव में पहली बार M-3 EVM मशीन का इस्तेमाल होगा
  2. नई EVM मशीन में एकसाथ 24 बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं, जिसके जरिए 384 उम्मीदवारों के नाम और नोटा भी जोड़ा जा सकेगा।
  3. नई EVM मशीन थोड़ी सी भी छेड़छाड़ होने पर काम करना बंद कर देती है।
  4. भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा तैयार की गई यह मशीन अब तक की सबसे आधुनिक ईवीएम मशीन है।