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राजस्थान: पायलट पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं गहलोत, लेकिन MLA सचिन को ही चाहते हैं सीएम

नई दिल्ली: कांग्रेस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत तो दर्ज कर ली है, लेकिन मुश्किलें अब सीएम को चुनने में आ रही है। राज्य से दिल्ली तक सियासत गर्म है। राजस्थान की बात करें तो मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर चली लंबी रस्साकशी के बीच अशोक गहलोत को राज्य की कमान सौंपे जाने की उम्मीद नजर आ रही है।

राहुल गांधी से कांग्रेस पर्यवेक्षकों और दोनों नेताओं के साथ हुई मीटिंग के बाद गहलोत का नाम लगभग तय माना जा रहा है। यानी कांग्रेस युवा नेता पर अनुभव को तरजीह देती दिख रही है। शह-मात के इस खेल में एक बार फिर गहलोत भारी पड़ गए। अब इसके पीछे कांग्रेस अध्यक्ष से अच्छे रिश्ते माने या फिर राजनीतिक एक्सपीरियंस।

वैसे तो सब जानते हैं कि अशोक गहलोत दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वो छोटी उम्र में ही प्रदेश अध्यक्ष बन गए थे। इसलिए उन्हें राजनीति में तो अच्छा-खासा अनुभव है। यही नहीं राजस्थान के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गहलोत की अच्छी पैठ मानी जाती है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी जातियों को साधकर रखने में गहलोत को महारत हासिल है।
सचिन पायलट

वहीं सचिन पायलट की बात करें तो सचिन पायलट पार्टी के युवा चेहरे हैं, इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का करीबी होना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से पायलट ने लगातार वसुंधरा राजे के खिलाफ संघर्ष करके सत्ता विरोधी माहौल बनाया है, जो गहलोत बनाने में नाकामयाब रहे हैं। पार्टी को 21 से 99 सीटों तक पहुंचाने में अहम भूमिका मानी जा रही है। इतना ही नहीं पायलट के नेतृत्व में 5 सालों में जितने भी चुनाव और उपचुनाव हुए सभी कांग्रेस ने जीते। इनमें चार विधानसभा और दो लोकसभा सीटें शामिल हैं।