राहुल गांधी का दावा- संसद में माल्या और जेटली अकेले में मिलते थे.. हमारे पास सबूत भी है
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राहुल गांधी का दावा- संसद में माल्या और जेटली अकेले में मिलते थे.. हमारे पास सबूत भी है

नई दिल्ली: देश के कई बैंकों का कर्जदार और शराब कारोबारी विजय माल्या के खुलासे से सियासत पूरी तरह हिल गई है। एक ओर जहां बीजेपी बैकफुट पर आ गई है, वहीं विपक्ष भी इस मौके को भुनाने में जुटा है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बाद आज खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा है।

राहुल गांधी ने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि विजय माल्या को गलत साबित करने में अरुण जेटली ने कई ब्लॉग लिखे हैं। विजय माल्या ने उनको संसद से अनौपचारिक मुलाकात की थी। वह लंबे ब्लॉग लिखते हैं, लेकिन इस बारे में कुछ नहीं लिखते। अरुण जेटली मुलाकात के बारे में झूठ बोल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने साथी नेता पीएल पुनिया की बात कही, कि उन्होंने दोनों को बात करते हुए देखा था। राहुल ने कहा कि हमारे पास सबूत है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कई तरह के सवाल उठते हैं कि वित्त मंत्री एक भगोड़े से बात करते हैं, और भगोड़ा उन्हें बताता है कि वह देश छोड़ रहा है। लेकिन वित्त मंत्री ने ना पुलिस को बताया, ना सीबीआई को बताया। इसके बाद लुकआउट नोटिस में भी ढील दी गई थी। जेटली को सच बोलना चाहिए और बताना चाहिए कि इसके लिए वो जिम्मेदार हैं, या फिर उन्हें ऊपर से ऑर्डर आ रहे हैं। राहुल ने कहा कि वित्त मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

राहुल गांधी यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि लुकआउट नोटिस को सिर्फ वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री ही बदलवा सकते हैं। वित्त मंत्री ने विजय माल्या को भागने दिया। आपको बता दें विजय माल्या ने लंदन की एक अदालत में सुनवाई के दौरान बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने कहा कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी।

माल्या के आरोप के तुरंत बाद जेटली ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की. अरुण जेटली ने फेसबुक पर इस संबंध में सफाई देते हुए कहा कि माल्या का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। मैंने 2014 से अब तक उन्हें मिलने का टाइम नहीं दिया। वह राज्यसभा सदस्य थे और कभी-कभी सदन में आया करते थे। मैं सदन से निकलकर अपने कमरे में जा रहा था, इसी दौरान वह साथ हो लिए। उन्होंने समझौते की पेशकश की थी, जिस पर मैंने उन्हें रोकते हुए कहा कि मेरे साथ बात करने का कोई फायदा नहीं, यह प्रस्ताव बैंकों के साथ करें।

13 September, 2018

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