कांग्रेस में शामिल हुए उत्तराखंड के पूर्व CM और BJP सांसद बीसी खंडूरी के बेटे, पिता के खिलाफ लड़ सकते हैं चुनाव
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कांग्रेस में शामिल हुए उत्तराखंड के पूर्व CM और BJP सांसद बीसी खंडूरी के बेटे, पिता के खिलाफ लड़ सकते हैं चुनाव

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जैसे नेता दल-बदल रहे हैं, ऐसा लग रहा है जैसे कोई प्रतियोगिता हो रही हो। पार्टी कोई एक नहीं है, बल्कि लगभग सभी राष्ट्रीय पार्टी को इस दौर का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां गुजरात कांग्रेस में विधायक कम हो रहे हैं, वहीं उत्तराखंड में ये पाशा उलटा पलटता दिख रहा है। आपको बता दें, उत्तराखंड के पूर्व सीएम और बीजेपी सांशद भुवन चंद्र खंडूरी के बेटे ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में मनीष खंडूरी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। एक ओर जहां मनीष के कांग्रेस में जाने से बीजेपी को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है वहीं, राहुल गांधी ने मनीष के पार्टी में आने से मजबूती मिलने की बात कही है। खबर ये भी है कि कांग्रेस मनीष तो पौड़ी लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है, जिसका प्रतिनिधित्व उनके पिता कर रहे हैं। उत्तराखंड में भाजपा का चेहरा रहे बीसी खंडूरी की पौड़ी सीट पर खासी पकड़ रही है। उन्होंने पौड़ी सीट से लगातार जीत हासिल की है। उनको पार्टी के इतर भी इस सीट पर प्रभाव माना जाता है।

राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीसी खंडूरी ने संसद की कमेटी में राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल पूछा लिया कि जो ताकत सेना के पास होनी चाहिए, वो नहीं है। खंडूरी जी ने सच्चाई बोली तो नरेंद्र मोदी ने उस कमेटी से बीसी खंडूरी को हटा दिया। इस मौके पर मनीष खंडूरी ने कहा कि मुझे भरोसा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देश को मजबूत बनाएगी। यहां आने से पहले मैं अपने पिता का आशीर्वाद लेकर आया हूं। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं सच के रास्ते पर चल सकता हूं, मैंने जवाब दिया- हां।

आपको बता दें, बीसी खंडूरी 36 साल तक सेना में रहे। उसके बाद उन्होंने राजनीतिक मैदान में कदम रखा। वहीं, भुवन चंद खंडूरी की बात करें तो वे 2007 से 2009 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे थे और 2014 में वह गढ़वाल से सांसद चुने गए। वह पहली बार 1991 में गढ़वाल से सांसद चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें 2000 में केंद्रीय मंत्री बनाया।

बता दें, उत्‍तराखंड की पांच लोकसभा सीटों पर पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होगा। उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल, गढ़वाल, अल्मोड़ा (SC), नैनीताल-ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार पांच लोकसभा सीट है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। उस वक्त राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। इसके बाद 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने जीत दर्ज की। उत्तराखंड में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। उत्तराखंड में फिलहाल बीजेपी सत्ता में है।

16 March, 2019

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