Kulbhushan Jadhav Case: ICJ की फटकार के बाद Army Act में होगा संशोधन
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Kulbhushan Jadhav Case: ICJ की फटकार के बाद Army Act में होगा संशोधन

पाकिस्तान की जेल में यदि कोई भारतीय रह रहा है तो ये सोच कर हर भारतवासी का दिल कांप जाता है कि उसके साथ आगे क्या होगा ? लेकिन अगर किसी भारतीय कैदी के कारण पाकिस्तान अपने आर्मी एक्ट में बदलाव करें तो ये आश्चर्य की बात होगी। जी हां पाकिस्तान अपने आर्मी एक्ट (Army Act) में संशोधन कर रहा है, जिसके तहत भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को नागरिक अदालत में अपील दायर करने का अधिकार दिया जाएगा। कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) को पाकिस्तान ने एक RAW का एजेंट बताकर गिरफ्तार किया था और मौत की सज़ा सुनाई थी।

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क्या कह रहा है पाकिस्तान

पिछले महीने कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) के केस में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान की जमकर फटकार लगाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के प्रसिडेंट जज अब्द्युक्वबी युसूफ(Abduqubi yusuf) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में विएना संधि(Vienna Treaty) का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान में ऐसे व्यक्तियों या समूहों को अपील करने और सिविस अदालत से न्याय की मांग करने की इजाजत नहीं दी जाती जो इस केस में पकड़े जाये मगर पाकिस्तान कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) के केस में इस एक्ट में संशोधन कर रहा है।

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ICJ के फैसले के बाद

कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) एक भारतीय नागरिक है और इस बात को पाकिस्तान झूठला नहीं सकता। (ICJ) के प्रसिडेंट जज अब्द्युक्वबी युसूफ(Abduqubi yusuf) ने कहा कि पाकिस्तान अपने 14 जुलाई के फैसले में संयुक्त राष्ट्र के प्रधान न्यायिक अंग के तौर पर यह पाया कि पाकिस्तान ने विएना संधि के आर्टिकल 36 के अनुपालना का उल्लंघन किया है और इस केस में कार्रवाई किया जाना अभी बाकी है। भारतीय प्रभार डी अफेयर गौरव अहलूवालिया के बीच बैठक के “आगे कोई विवरण साझा करने” से इनकार कर दिया है।

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कौन है कुलभूषण जाधव

कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) भारतीय नौसेना के एक अधिकारी थे। उनका जन्म 16 अप्रैल 1970 में महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। पाकिस्तान के अनुसार जाधव भारत के नागरिक होने के साथ भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के कर्मचारी हैं। भारतीय नौसेना से रिटायर होने के बाद कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) ने ईरान में अपना काम शुरू कर लिया था, लेकिन 29 मार्च 2016 को उसने कुलभूषण को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया। 10 अप्रैल 2017 को उन्हें मौत की सजा सुनाई गयी। 9 मई 2017 को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ ) ने इनकी मौत की सज़ा पर सुनवाई पूरी होने तक रोक लगा दी। 

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13 November, 2019

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Rachna