FATF: क्या होता है Dark Grey List और Black List के बीच अंतर, किस लिस्ट पर काब्ज होगा पाकिस्तान
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FATF: क्या होता है Dark Grey List और Black List के बीच अंतर, किस लिस्ट पर काब्ज होगा पाकिस्तान

पाकिस्तान ने समय समय पर भारत के पेशेन्स का टेस्ट लिया है। वहीं आज पाकिस्तान का आंतकवाद के फंड को लेकर इम्तिहान है। ये इम्तिहान Financial Action Task Force (FATF) लेगा, जिसमें वो पाकिस्तान (Pakistan) को टेरर फंडिंग (Terror Fund) के लिए डार्क ग्रे लिस्ट (Dark Grey List) या फिर सीधा ब्लैक लिस्ट (Black List) में डाल सकता है।

क्या होता है ब्लैक लिस्ट (Black List)

अगर FATF किसी भी देश को ब्लैक लिस्ट (Black List) करता है तो सीधे सीधे तौर पर माना जाता है कि वो देश सुरक्षा के मामले में अच्छा नहीं है, उदाहरण के तौर पर उस देश में सरकार का नहीं बल्कि आतंक का राज होता है। ऐसा होने पर कोई भी देश ब्लैक लिस्टेड देश में निवेश नहीं करना चाहता है।

क्या है डार्क ग्रे लिस्ट (Dark Grey List)

अगर FATF किसी देश को डार्क ग्रे लिस्ट (Dark Grey List) में डालता है तो इसका सीधे तौर पर मतलब होता है कि आतंकवाद पर कार्रवाई करने के लिए अंतिम चेतावनी देना। साथ ही उस देश को आर्थिक मदद देना भी बंद कर दिया जाता है। ऐसे में यदि कोई देश आंतक पर काबू नहीं कर पाता है तो उसे फिर Dark Grey List से हटाकर Black List कर सकते हैं।

FATF की नज़रों में आया पाकिस्तान

पाकिस्तान (Pakistan) के अपर्याप्त प्रदर्शन को देखते हुए, वो FATF की कड़ी कार्रवाई के कगार पर खड़ा है। क्योंकि Pakistan, FATF के 27 बिंदुओं में से केवल 6 बिंदुओं पर ही सही उतरा है। इसलिए आज यानी 18 अक्टूबर को पाकिस्तान पर अपना अंतिम फैसला देगा। एफएटीएफ के नियमों के अनुसार ‘ग्रे’ और ‘ब्लैक’ सूचियों के बीच एक अनिवार्य चरण है, जिसे ‘डार्क ग्रे’ कहा जाता है। ‘डार्क ग्रे’ का अर्थ है सख्त चेतावनी ताकि संबंधित देश को सुधार का एक अंतिम मौका मिल सके।

18 October, 2019

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Ashish Jain