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26/11 के बाद जो कदम उठाने चाहिए थे, पिछली सरकार ने नहीं उठाए : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की तैयारी यूं तो हर राज्य में जारी है, लेकिन बीजेपी देश की राजधानी में ज्यादा जोर देने में लगी है, वजह ये है कि जब दिल्ली मजबूत होगी तो ही पूरे राज्यों में मजबूती बनाई जा सकती है। दिल्ली को मजबूत बनाने के लिए आज दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में दिल्ली बीजेपी प्रभारी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा तमाम दिग्गज नेता और पदाधिकारी मौजूद थे।

मंच पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू, जयभान, सिद्धार्थन, विजय गोयल,विजेंद्र गुप्ता, महेश गिरी, मीनाक्षी लेखी, उदित राज समेत सभी सातों सांसद मौजूद थे। वहीं दिल्ली से सभी जिला और मंडल पदाधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे।

इस दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, दिल्ली प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश अगर सुरक्षित है तो वो पीएम मोदी की नेतृत्व वाली सरकार में है।

इस बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत ही कम शब्दों में कहा कि हमें बालाकोट की घटना के बाद देश के बने माहौल को ध्यान में रखना चाहिए। मोदी जी ने अच्छा किया ये ठीक है, लेकिन इस भरोसे बैठ गए तो अच्छा नहीं होगा। हमारे सामने बड़ी चुनौती है। दिल्ली में चुनाव में गलत हुआ तो ये ठीक मैसेज नहीं जाएगा। इसलिए सबको अलर्ट रहना है। बालाकोट की घटना आतंकी घटना दोबारा होने की सूचना थी, इसलिए एयर स्ट्राइक किया। बीजेपी के मंडल पदाधिकारियों ने अब तक के कामों का लेखा-जोखा पेश किया। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया और बीजेपी की योजनाओं के दम पर चुनावों में वोट मांगने की अपील की।

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘26/11 के मुंबई हमलों के बाद जो किया जाना चाहिए था, पिछली सरकार ने वो नहीं किया। अगर सरकार सक्रिय होती तो ऐसे हमलों को बढ़ावा नहीं मिलता। पुलवामा आतंकी हमले के संदर्भ में सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 10 से 12 दिन तक इंतजार किया और आत्मघाती हमलावरों के फिर हमले करने की साजिश की खुफिया जानकारी मिलने के बाद वायु सेना ने पाकिस्तान में उनके शिविरों पर निशाना साधा।