बरसों के इंतज़ार के बाद आज आएगा अयोध्या का फैसला
देश, ब्रेकिंग

बरसों के इंतज़ार के बाद आज आएगा अयोध्या का फैसला


उतर प्रदेश :- का क्षेत्र अयोध्या(Ayodhya) जो की अपने धर्म, मंदिरों की वजह से जाना जाता है। लेकिन इसके अलावा अयोध्या(Ayodhya) रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद भूमि के विवादित ज़मीन के लिए भी बहुत मशहूर है। आज यानि 9 नवंबर को सुबह 10:30 बजे इस केस का फैसला आएगा। इस मामले पर आज 5 जज जस्टिस रंजन गोगोई(Justice Ranjan Gogoi), जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े(Justice Sharad Arvind Bobre), जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़(Justice Dhananjay Yashwant Chandrachur), जस्टिस अशोक भूषण(Justice Ashok Bhushan), जस्टिस अब्दुल नज़ीर(Justice Abdul Nazeer) ऐतिहासिक फैसला देंगे।

Source-google

अयोध्या(Ayodhya) इस वक़्त कड़ी सुरक्षा में

अयोध्या(Ayodhya) में इस वक़्त धारा 144 लगी हुई है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में 4000 अर्धसैनिक बल तैनात किए गए है। Drone Camera की मदद से पूरे शहर पर निगरानी रखी जा रही है। सभी इलाकों में और देश के सभी राज्यों में शांति, प्रेम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narender Modi) ने भी अपने सभी मंत्रियों को कहा है कि वो किसी भी तरह का अनावश्यक बयान देने से बचे।  वहीं राज्य में सभी स्कूलों और कॉलेजो को सोमवार तक बंद रखने का आदेश भी दिया गया है।

Source-google

आखिर क्या है मामला

अयोध्या(Ayodhya) में 2.55 एकड़ की एक ज़मीन है जिस पर 1980 के दशक से हिन्दू और मुस्लिम अपना-अपना अधिकार जमा रहे है। 1950 में ‘रामलला’ के भक्त Gopal Singh Visharad ने निचली अदालत में ये मुकदमा दायर किया था और हिन्दू वह पूजा कर सके ये अधिकार मांगा था। हिन्दु वकीलों का मानना है कि तीन गुम्बद के निचे आज भी टेंट में राम मूर्ति विराजमान है,इसलिए ये रामजन्म भूमि है और जन्म स्थान किसी का भी बदला नहीं जा सकता।  वहीं मुसलमान वकीलों का कहना है इस्लाम में मस्जिद, दान की गई या खरीदी गई जमीन पर ही बनाई जा सकती है। आपको बता दे कि 1885 और 1913 में 2 बार मस्जिद गिराने व फिर बनाने के ऐतिहासिक प्रमाण भी मौजूद हैं।

Source-google

क्या हुआ था 6 दिसंबर 1992 को

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या(Ayodhya) में जो हुआ वो बहुत ही अप्रिय घटना थी। लाखों की संख्या में लोग मस्जिद के गुम्बद पर चढ़ गए ओर उसे धक्के मार मार के गिराने लगे, जिसमें दंगे हुए और 2000 से अधिक लोग मरे थे। दिल्ली में भी सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस की तैनाती हो राखी है।

Source-ani
9 November, 2019

About Author

Rachna