भले ही अटल जी हमारे बीच नहीं रहे लेकिन अटल जी की बातें आज भी अटल है, एक साल पहले हुआ था निधन
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भले ही अटल जी हमारे बीच नहीं रहे लेकिन अटल जी की बातें आज भी अटल है, एक साल पहले हुआ था निधन

अँधेरा छटेगा
सूरज निकलेगा
कमल खिलेगा

यह अमर पंक्तिया है स्वर्गीय अटल बिहारी जी की जिन्होंने जनता पार्टी की नीव रखने में अपना अहम योगदान दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी जी बहुत साधरण और सरल व्यक्ति थे। वह बड़ी सरलता और विनम्रता से अपनी कोई बात कह जाते थे। जिनकी छवि हमे नरेंद्र मोदी जी में दिखाई देती है। उनकी अनेक कविता और रचनाएँ उनके गौरवशाली व्यक्तित्व की याद दिलाती है। आगरा के छोटे से गाँव में जन्मे वाजपेयी का प्रधानमंत्री बनने तक के सफर में काफी उतार चढ़ाव रहा। लेकिन वह अपनी राह मैं चट्टान की तरह डटे रहे और कमल को उस बुलंदियों तक पहुंचाया की आज भी उनके आदर्शो पर भारतीय जनता पार्टी चलती है तथा नरेंद्र मोदी 2 बार प्रधान मंत्री के रूप में आवाम की पहली पसंद बने। भारतीय जनता पार्टी की जड़े इतनी गहराई तक है कि भविष्य में भी इन्हे उखाड़ पाना असंभव है ।

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जिंदगी का सफर 1924-2018

उनका जन्म आगरा के जनपद के प्राचीन स्थान बटेश्वर के मूल निवासी पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी के घर में हुआ। शिन्दे की छावनी में 25 दिसम्बर 1924 को अटल जी का जन्म हुआ था उनकी माता जी का नाम सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी है। अटल जी के पिता एक अध्यापक थे। इसके अलावा वह हिंदी और ब्रज भाषा के कवि भी थे। उनके पुत्र अटल में काव्य गुण भरे हुए थे। महात्मा रामचन्द्र वीर द्वारा रचित अमर कृति “विजय पताका” पढ़कर अटल जी के जीवन की दिशा ही बदल गई। वह उन्हें बड़े मन से रूचि लेकर पढ़ा करते थे।

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अटल जी की शिक्षा

अटल जी की B.A शिक्षा ग्वालियर के विक्टरीआ कॉलेज में हुई थी। छात्र जीवन से ही वह राष्ट्र स्वसेवक संघ के स्वसेवक बने और तभी से अटल जी ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर वाद-विवाद में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। अटल जी की M.A की पढाई कानपूर के डीएवी कॉलेज में हुई। अटल जी ने राजनीती शास्त्र की पढ़ाई की और इस विषय में प्रथम श्रेणी प्राप्त की।

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अटल जी का कैसा रहा राजनीतिक जीवन

अटल जी राजनीती में बहुत सक्रिय थे। हमेशा से ही अटल जी ने भारत के विकास को लेकर राजनीति की। उन्होंने जय जवान जय किसान नारे में बदलाव कर जय जवान जय विज्ञान के नारे की शुरुआत की। उन्होंने भारत को उन ऊंचाइयों की सीमा तक पहुंचाया। जहां पर आज खुद को देख सकते है। अटल जी ने अपने कार्यकाल में भारत को परमाणु संपन्न देश बनाया और और भारत को एक सशक्त और परमाणु संम्पन्न देश बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अटल जी और ISRO के महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुलकलाम जी ने मिलकर देश का पहला परमाणु परिषण राजस्थान के पोखरण में किया था। हमारे भारत को बाहरी खतरो से मुक्त कराया और विकसित देशों के अलावा आज भारत भी परमाणु संपन्न देश है। जिसका पूरा श्रेय अटल जी को जाता है।

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  • आज अटल जी के निधन को एक साल हो गया है। लेकिन उनकी विभिन्न कविता और लेख अमर है।
  • अटल जी की वो पंक्तिया आज भी अटल है जो वह लोकसभा और कही भाषण के दौरान अक्सर दोहराया करते थे।
  • उनकी वजह से ही कमल को मुकाम मिला जिसका वो हक़दार था।
  • इस दुनिया को हमेशा से छोड़ कर जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी को उस मुकाम पर देखा जहां पर वह हमेशा से देखना चाहते थे।
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16 August, 2019

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Shivam Thakur