कौन हैं शकुंतला देवी, जिसका किरदार निभाएंगी विद्या बालन
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कौन हैं शकुंतला देवी, जिसका किरदार निभाएंगी विद्या बालन

गणित एक ऐसा सब्जेक्ट है, जिसमें कई राज़ छूपे होते हैं, बल्कि यूं कहें कि गणित में हर कदम पर एक नया राज़ होता है। अगर गणित न होता तो आज सांइस के इतने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट भी न होते, यहां तक ही हम कभी चांद पर जाने की भी न सोचते। ऐसे में कुछ लोग होते हैं जो गणित को भी पीछे छोड़ देते हैं और हम उन्हें ह्यूमन कैलकुलेटर कहने लगते हैं, जिनमें से एक शकुंतला देवी भी हैं।

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शकुंतला देवी एक महान गणित की टीचर, लेखक और जीनियस थी। शकुंतला देवी का दिमाग गणित में इस हद तक चलता था कि उन्हें ह्यूमन कंप्यूटर और कैलकुलेटर ही कहा जाता था। शकुंतला देवी की योगिताएं इतनी थी कि उनका नाम साल 1982 में गिनीज वर्ल्ड ऑफ़ बुक रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया था। शकुंतला देवी को लिखने का काफी शोक हुआ करता था तो उन्होंने अपनी बाकी की ज़िन्दगी नोवेल्स और बुक्स लिखने में बिता दी थी। शकुंतला देवी गणित से जुड़ी किताबें ही लिखती थी जैसे पजल और ज्योतिष की भी कुछ किताब उन्होंने लिखी हैं। शकुंतला देवी ऐसी पहली महिला थीं जिन्होंने समलैंगिक के ऊपर बात रखी और उसके बारे में लोगों को बताने के लिए बुक भी लिखी।

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इनपर बॉलीवुड में बन रही फिल्म

शकुंतला देवी के बारे में आज भी काफी लोगों को नहीं पता है, जिसका जिम्मा इंडियन सिनेमा ने उठाया है, जी हाँ हिंदी सिनेमा की मश्हूर अभिनेत्री विद्या बालन इस फिल्म में शकुंतला देवी का किरदार निभाने जा रही हैं।

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शकुंतला देवी से जुडी कुछ बातें

शकुंतला देवी बैंगलोर की रूढ़िवादी कन्नड़ ब्राह्मण परिवार से तालुख रखती थी। शकुंतला के पिता ने सबसे पहले मंदिर में पंडित बनने के लिए काफी विरोध किया लेकिन फिर बाद में उन्होंने एक सर्कस में काम करना शुरू कर दिया था। जिसमें झूले पर करतब दिखाना, जादू दिखाना और शेर के साथ खेल खेलने जैसे मनोंरजन करतब तक घर चलाते थे। लेकिन जब शकुंतला तीन साल की हुई तो उनके पिता ने देखा की शकुंतला गणित से साथ जादू करती हैं। तो उन्होंने अपने सर्कस के काम को बंद कर दिया और शकुंतला के साथ मिलाकर गणित के कार्ड गेम्स को रोड़ पर करना शुरु कर दिया।

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कैसे पड़ा शकुंलता देवी का कैलकुलेटर नाम

शकुंतला देवी ने अपने हुनर का जादू बहुत से देशों में दिखाया, लेकिन उनकी जिंदगी में मोड़ तब आया जब उन्होंने 1950 में न्यूयोर्क में अपना जादू दिखाया, तब उन्हें देखकर वहां के सभी लोग चौंक गए कि इसने बिना कैलकुलेटर यह सब कैसे किया। उसके बाद उनके सामने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में प्रोफेसर बनने का प्रस्ताव रखा गया और यहां के महासचिव ने उनका इंटरव्यू लेते समय उनसे गणित के बहुत मुश्किल सवाल पूछे, उसके बाद उन सवालों का जवाब जो शकुंतला ने दिया, महासचिव ने उन जवाबों को अपनी कॉपी में लिख लिया था और उनको मनोविज्ञान का प्रोफेसर बना दिया। साथ ही कैलिफोर्निया से लेकर भारत तक उन्हें लोग ह्यूमन कैलकुलेटर के नाम से पुकारने लगे थे।

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17 September, 2019

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Ashish Jain