वो बॉलीवुड स्टार्स जिन्होंने आजमाई अपनी सियासी किस्मत, बड़े पर्दे से राजनीति में ऐसे रखा कदम

नई दिल्ली: भारत में इन दिनों लोगों को राजनीति का चसका सा चढ़ा है। बड़ा हो या छोटा हर कोई राजनीति का सियासी खेल कभी भी खेलने को तैयार रहते हैं। सिर्फ लोग ही नहीं भारत में कई ऐसे बॉलीवुड स्टार्स भी हैं, जिनकी एंट्री बॉलीवुड से सीधे राजनीति में हो गई। हालांकि कुछ ही एक्टर्स इस खेल को समझ पाए.. वहीं कुछ ने तो पहले ही घुटने टेक दिए। चकाचौंद दुनिया से निकलकर ,सियासत का स्वाद चखने वालों में अभिनेता अमिताभ बच्चन का नाम भी है। हालाकि इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आइए आपको आज उन स्टार्स के बारे में बताते हैं जिन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ सियासी खेल भी खेला। राजनीति में अपना करियर बनाने वाले कई अभिनेता और अभिनेत्रियां रहे हैं, जो सफल रहे हैं। लेकिन हां…कई ऐसे भी हैं जिन्हें कम समय में ही राजनीति से मोह हो गया।

रजनीकांत
भारतीय सिनेमा में फैंस की ओर से भगवान का दर्जा पाने वाले रजनीकांत ने भी ना.. ना कहते हुए राजनीति में एंट्री कर ली है। दक्षिण भारत में भगवान की तरह पूजे जाने वाले इस कलाकार की राजनीति में आने की कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थी।

अमिताभ बच्चन
ये बहुत कम लोगों को पता है कि बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन भी राजनीति में किस्मत आजमा चुके हैं। लेकिन अमिताभ का सियासत में सिक्का नहीं चल पाया या यूं कहे विवाद के बाद उनका राजनीति से मन उठ गया। साल 1984 के लोकसभा चुनावों में बिग-बी ने कांग्रेस के टिकट पर अपने गृह क्षेत्र इलाहाबाद से हेमवती नंदन बहुगुणा के खिलाफ चुनाव लड़ा। अमिताभ ने बड़ी जीत हासिल करते हुए 68.2% वोटों से अपने विरोधी को मात दी। 3 साल बाद राजीव गांधी पर बोफोर्स सौदे में दलाली खाने का आरोप लगा और इस कांड में अमिताभ का भी नाम शमिल था। अमिताभ अपने उपर लगे आरोपों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और तीन साल बाद ही इस्तीफा दे दिया।

जया प्रदा
तेलगू फिल्म से अपना सफर शुरू करने वाली जया प्रदा ने तब राजानीति में एंट्री की थी.. जब वो अपने करियार में बुलंदियों को छूं चुकी थीं। जानकारी के मुताबिक साल 1994 में पहली बार रामा राव ने जया को TDP के प्रचार के लिए बुलाया। साल 1996 में टीडीपी ने जया प्रदा को राज्यसभा भेजा, हालाकि कुछ मतभेद के चलते जया ने टीडीपी को बाय-बाय कह दिया औऱ समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ गई।

विनोद खन्ना
विनोद खन्ना का नाम उन एक्टर्स में लिया जाता है, जिनका नाम सुनकर सामने एक हैंसम सा चेहरा दिखता है। विनोद खन्ना फ़िल्मों में जितने सफल थे उतने ही राजनीति में भी थे। विनोद खन्ना ने 1997 में राजनीति में कदम रखा। एक साल बाद 1998 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गुरुदासपुर से चुनाव लड़े और जीत भी गए। साल 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में विनोद खन्ना को पर्यटन मंत्री बनाया गया। 6 महीने बाद उन्हें विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया।

शत्रुघ्न सिन्हा
बॉलीवुड के शॉट गन शत्रुघ्न सिन्हा ने 90 के दशक में राजनीति में एंट्री की। आडवानी के सांसद के पद से इस्तीफा देने पर उप-चुनाव हुआ, जिसपर शत्रुघ्न सिन्हा और राजेश खन्ना आमने सामने थे। इस चुनाव में राजेश खन्ना ने शत्रुघ्न सिन्हा को 25000 हजार वोटों से हराया था। 2009 में बिहार के पटना साहेब सीट से शॉट गन ने बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी और वाजपेयी सरकार में 13वीं लोकसभा में कैबिनेट मंत्री का पद संभाला।

हेमा मालिनी
बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी फ़िल्मों से लेकर राजनीति तक हर जगह हिट हैं। हेमा मालिनी ने 1999 में के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार किया था। फरवरी 2004 में औपचारिक तौर पर हेमा ने बीजेपी से जुड़ कर राजनीति में कदम रखा। साल 2003 से 2009 तक हेमा राज्य सभा में राष्ट्रपति द्वारा निर्वाचित सांसद सदस्या रहीं। हेमा मौजूदा समय में मथुरा की सांसद हैं।

स्मृती इरानी
छोटे पर्दे की ‘तुलसी’ ने साल 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। स्मृती इरानी साल 2004 में कपिल सिब्बल के खिलाफ दिल्ली की चांदनी चौक सीट से अपना चुनाव हार गईं थी। साल 2014 के लोक सभा चुनाव में स्मृती ने अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गईं। बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद स्मृती को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया था।

जयललिता
अगर फ़िल्मी सितारों के राजनीति में सफलता होने का जिक्र होता है तो सबसे पहले नाम जयललिता का आता है। सुपरहिट अभिनेत्री रह चुकी जयललिता ने एआईडीएमके ज्वाइन की। बाद में एमजीआर की मृत्यु के बाद जयललिता को पार्टी से निकाल दिया गया। जयललिता ने अपनी पार्टी बनाई और साल 1991 में वो पहली बार राज्य की मुख्य मंत्री बनी।

सुनील दत्त
1984 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने वाले सुनील दत्त 1984 से 2004 तक सांसद रहे। अपने कार्यकाल के बीच में 1993 के दंगों से आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। साल 2004 की यूपीए सरकार में सुनील दत्त को खेल मंत्री बनाया गया था।

किरण खेर
फ़िल्मों में मां के रोल में दिखने वाली किरण खेर 2009 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी। इसके बाद वो सक्रिय रूप से चुनावों में बीजेपी के लिए प्रचार करती रहीं। 2014 के लोक सभा चुनावों में बीजेपी ने किरण खेर को टिकट दिया। इस चुनाव में किरण ने जीत दर्ज की।

गोविंदा
2004 में सुपरस्टार गोविंदा कांग्रेस के टिकट पर बाजेपी के दिग्गज नेता राम नाइक को हरा कर लोकसभा पहुंचे। गोविंदा को राजनीति में कुछ खास मजा नहीं आया इसलिए 2008 में एक्टिव राजनीति से दूर चले गए।

धर्मेंद्र
बॉलीवुड के हीमैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र ने 2004 में राजनीति में एंट्री मारी, वो राजस्थान के बिकानेर से सांसद चुने गए। इसके अलावा धर्मेद्र बीजेपी के इलेक्शन कैंपेन में भी नजर आते रहे।