फिल्म से ज्यादा ट्रेलर ने मचाया था धमाल, मनमोहन सिंह या सोनिया गांधी नहीं ये शख्स चलाना चाहता था PMO

नई दिल्ली: The Accidental Prime Minister के 2 मिनट 44 सेकेंड के ट्रेलर ने भारत की राजनीति में जितना बड़ा धमाका किया.. शायद फिल्म देखने के बाद आप भी कहेंगे ये बीजेपी वाले बिन बात के ही उछल रहे थे। क्योंकि जितना बीजेपी ने ट्रेलर को भुनाने की कोशिश की थी, वो फिल्म देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि सब मेहनत बेकार थी।

दरअसल, जिस फिल्म का पूरे देश को इंतजार था, वो आज 11 जनवरी को बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई है। 1 घंटे 52 मिनट की इस फिल्म में मनमोहन सरकार के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में क्या हुआ करता था, वो सब दिखाया है। इतना ही नहीं राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान ना सौंपने की वजह को भी इस फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म को देखने के बाद आप भी कहेंगे कि ना तो मनमोहन.. ना सोनिया गांधी बल्कि संजय बारू वो शख्स हैं जो PMO को चलाना चाहते थे। पूरी फिल्म में ये बात उभरकर आई है कि मनमोहन सिंह अपने मीडिया एडवाइजर संजय बारू की नहीं सुनते थे। ये वो सारी बाते हैं जो आम लोगों को पता ही थी, फिल्म में ज्यादा कुछ खास नहीं दिखाया गया है।

आपको बता दें ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ संजय बारू की किताब पर आधारित फिल्म है। ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल को दिखाया गया है और मनमोहन सिंह के किरदार को अनुपम खेर ने निभाया है। वहीं संजय बारू का किरदार बॉलीवुड एक्टर अक्षय खन्ना ने किया है।

द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर में पहले सीन से ही ऐसा लगता है कि संजय बारू PMO में अपनी बादशाहत कायम करना चाहते थे। फिल्म में दिखाए गए संजय बारू को देखकर तो ऐसा ही लगता है कि PMO में हर कोई संदेहास्पद था और मनमोहन सिंह के खिलाफ साजिश बनाने में लगा था। मनमोहन सिंह को एकदम ऐसा दिखाया गया है कि जैसे वे कांग्रेस की नहीं बल्कि विपक्षी पार्टी की सरकार चला रहे हों। जिस तरह की बातें संजय बारू करते हैं उससे तो ऐसा ही लगता है।

‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर में हर जगह पीएम मनमोहन सिंह को संजय बारू सलाह देते नजर आते हैं। जब मनमोहन सिंह उनकी बात नहीं सुनते हैं तो वे गुस्सा होने लगते हैं। आखिर में तो संजय बारू मनमोहन सिंह को कमजोर ही कह डालते हैं। पहले सीन से ही ऐसा लगने लगता है कि संजय बारू सोनिया गांधी को कतई पसंद नहीं करते हैं लेकिन मनमोहन सिंह को सोनिया गांधी ने ही पीएम बनाया है, इस बात को पूर्व पीएम भूलना नहीं चाहते हैं। यही नहीं, मनमोहन सिंह की विनम्रता का भी मजाक बनाया गया है और उन्हें नादान सिद्ध करने की कोशिश की गई । एक बात यह भी उभरकर आती है कि सही फैसले सिर्फ मनमोहन और संजय के हैं और गलत फैसले सिर्फ सोनिया गांधी के थे।

‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर में ऐसा लगता है कि अहमद पटेल से लेकर जयराम रमेश तक सभी मनमोहन सिंह के खिलाफ साजिश में जुटे हैं। अहमद पटेल को तो एक सीन में बॉलीवुड के किसी विलेन की तरह दिखाया गया है। कुल मिलाकर फिल्म में मनमोहन सिंह को बेहद कमजोर दिखाने की कोशिश की गई है ऐसा कतई नहीं है। सोनिया गांधी कहती हैं कि आप काम करें बाकी पार्टी देख ले। लेकिन संजय बारू कहते हैं कि काम छोड़कर आप बाकी सबकुछ करें मैं देख लूंगा।