शुरू हुआ 5 दिनों तक चलने वाला पंच गणपति पूजन, जानिए कैसे और कहां हुई शुरुआत

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साभार-गूगल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान शिव को त्रिदेवों में बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। दक्षिण भारत से जुड़ा शैव सम्प्रदाय भगवान शिव के सभी अवतारों को श्रेष्ठ मानते हैं। भारत से लेकर विदेशों में फैले शैवधर्म के अनुयायी आज से पंच गणपति की स्थापना कर रहा है। विदेशों में पांच दिनों तक चलने वाला यह सबसे बड़ा गणपति पूजन है।

सतगुरू शिवाय सुब्रह्मयस्वामी ने शुरू की परंपरा

पंच गणपति को स्थापित करने का श्रेय अमेरिका में शैव सिद्धांत चर्च को जाता है। सतगुरू शिवाय सुब्रह्मयस्वामी द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को अमेरिका में रहने वाले हिंदू बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। सतगुरू शिवाय सुब्रह्मयस्वामी ने ‘पंच गणपति’ त्योहार की शुरुआत खासतौर पर बच्चों के लिए की थी। उनका मानना था कि बच्चों को इस त्योहार के जरिए धर्म का ज्ञान दिया जा सकता है।

भगवान गणेश के पांच स्वरूपों की होती है पूजा

पांच दिनों तक चलने वाले पंच गणपति पूजन में 21 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक भगवान गणेश के पांच स्वरूपों की पूजा की जाती है। चूंकि अमेरिका जैसे देश में हिंदू आबादी बहुत ज्यादा है, लेकिन वह क्रिसमस जैसे त्योहार नहीं मनाते। ऐसे में हिंदू परिवारों के बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें, इसीलिए क्रिसमस से पहले पांच दिनों तक पंच गणपति पूजन किया जाता है।

घरों में स्थापित होते हैं गणपति

जिस तरह भारत में गणपति स्थापना होती है, ठीक उसी तरह अमेरिका में भी हिंदू आज ही के दिन अपने घरों में पंचमुखी गणपति की स्थापना करते हैं। धूप, दीप, फल, दुर्वा, मिठाई आदि से पंच गणपति का पूजन होता है। पांच दिनों तक रोज सुबह पंच गणपति के कपड़े बदले जाते हैं। हर दिन के लिए विशेष रंग के कपड़ों को महत्व दिया जाता है।

हर दिन बदले जाते हैं विशेष रंग के कपड़‍े

पहले दिन पंच गणपति की मूर्ति को पीले, दूसरे दिन नीले वस्त्र, तीसरे दिन लाल, चौथे दिन हरे और अंतिम दिन नारंगी वस्त्र पहनाए जाते हैं। मान्यता है कि पांच दिनों तक घर में विराजमान होने के बाद पंच गणपति पूरे साल सुख समृद्धि बनाए रखते हैं। अंतिम दिन हिंदू समुदाय के लोग अगले साल दोबारा पंच गणपति के आने की कामना करते हैं।

बच्चों के लिए क्रिसमस का दूसरा रूप है पंच गणपति पूजन

बच्चों के लिए पंच गणपति पूजन के दौरान खास व्यवस्था होती है। उन्हें घरवाले हर दिन उपहार देते हैं, लेकिन उन्हें खोलने नहीं दिया जाता। पंच गणपति पूजन के अंतिम दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही बच्चे इन पांच उपहारों को खोलते हैं। पंच गणपति पूजन के अंतिम दिन पांच बार अलग-अलग समय पर गणपति पूजन किया जाता है। पंच गणपति के अंतिम दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के बाद पंच गणपति पूजन का विधिवत समापन होता है।