भारत के 13वें सेना अध्यक्ष थे ओम प्रकाश मल्होत्रा, लड़ चुके हैं 65 से लेकर बांग्लादेश की लड़ाई

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साभार-गूगल

नई दिल्ली। भारतीय सेना की शौर्य गाथाएं इतनी ज्यादा हैं कि उनके लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। चाहे 65 का युद्ध हो या कारगिल की जंग, भारतीय सेना का इतिहास अनगिनत वीरों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है। 1978 से लेकर 1981 तक भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुके पूर्व आर्मी चीफ ओम प्रकाश मल्होत्रा की आज तीसरी पुण्यतिथि है।

ओम प्रकाश मल्होत्रा भारत की आजादी से पहले ही भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके थे। करीब 40 सालों तक भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर काम कर चुके पूर्व आर्मी चीफ ओम प्रकाश मल्होत्रा की पुण्यतिथि पर चलिए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बड़े हुए मल्होत्रा

ओम प्रकाश मल्होत्रा का जन्म 6 अगस्त 1922 को श्रीनगर में हुआ था। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में पले-बढ़े ओम प्रकाश मल्होत्रा ने श्रीनगर के श्री प्रताप कॉलेज से अपनी शिक्षा हासिल की। इसके बाद वह पाकिस्तान चले गए और लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज में भी शिक्षा हासिल की।

आजादी से पहले सेना में हुए भर्ती

इसके बाद ओम प्रकाश मल्होत्रा ने देहरादून की इंडियन मिलेट्री अकादमी ज्वाइन की। भारत की आजादी से पहले 1941 में ओम प्रकाश मल्होत्रा आर्टलरी रेजीमेंट में सेकेंड लेफ्टिनेंट के रूप में तैनात हुए। दूसरे विश्व युद्ध के वक्त ओम प्रकाश मल्होत्रा को जापान के खिलाफ युद्ध लड़ना पड़ा।

65 की जंग से लेकर बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में निभाई अहम भूमिका

भारत के आजाद होने के बाद ओम प्रकाश मल्होत्रा ने विभिन्न आर्टलरी रेजीमेंट्स में अपनी सेवाएं दी। 1965 की जंग में मल्होत्रा ने सियालकोट ब्रिगेड पर 1 आर्टलरी ब्रिगेड की अगुवाई की। 1967 में ओम प्रकाश मल्होत्रा का प्रमोशन हुआ और उन्हें मेजर बना दिया गया। ओम प्रकाश मल्होत्रा 1969 से 1972 तक बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान तेजपुर में IV कॉर्प्स के चीफ ऑफ स्टॉफ रहे।

बने भारतीय सेना की की दक्षिण कमांड के जीओसी

1972 में ओम प्रकाश मल्होत्रा को कार्यकारी ले. जनरल बना दिया गया और उनकी तैनाती जालंधर में हो गई। आगे चलकर ओम प्रकाश मल्होत्रा पुणे स्थित भारतीय सेना की दक्षिणी कमांड के जीओसी बने। 1976 में ओम प्रकाश मल्होत्रा को परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा गया।

3 साल तक रहे भारतीय सेना प्रमुख

31 मई 1978 को ओम प्रकाश मल्होत्रा 13वें भारतीय सेना प्रमुख बने। तीन सालों तक इस पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद ओम प्रकाश मल्होत्रा रिटायर हो गए। ओम प्रकाश मल्होत्रा के कार्यों को देखते हुए नेपाली सेना ने उन्हें मानद जनरल की उपाधि से नवाजा।

रिटायरमेंट के बाद बने राजदूत और गर्वनर

आर्मी से रिटायर होने के बाद 1981 में भारत सरकार ने ओम प्रकाश मल्होत्रा को इंडोनेशिया में भारत का राजदूत नियुक्त किया। ओम प्रकाश मल्होत्रा 1984 तक इस पद रहे। 1990 से लेकर 1991 के बीच ओम प्रकाश मल्होत्रा पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक भी रहे।

95 साल की उम्र में हुआ निधन

ओम प्रकाश मल्होत्रा के पुत्र अजय मल्होत्रा संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत हैं। 2015 में 95 साल की उम्र में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख ओम प्रकाश मल्होत्रा का उनके गुरुग्राम स्थित निवास में निधन हो गया।