एनवीडिया का दोहरा दांव: संगीत से लेकर क्लाउड कंप्यूटिंग तक एआई का विस्तार
तकनीक की दुनिया में एनवीडिया (Nvidia) ने अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए दो अलग-अलग क्षेत्रों के दिग्गजों के साथ हाथ मिलाया है। चिप निर्माण में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद, अब कंपनी ने संगीत जगत की सबसे बड़ी संस्था यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप (UMG) और कंप्यूटर हार्डवेयर निर्माता लेनोवो (Lenovo) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां की हैं। इन समझौतों का मकसद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को केवल एक टूल तक सीमित न रखकर उसे रचनात्मकता और बुनियादी ढांचे का मुख्य आधार बनाना है।
संगीत और तकनीक का नया रचनात्मक गठबंधन
यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप, जिसके पास टेलर स्विफ्ट, द वीकेंड, ड्रेक और र Kendrick लैमर जैसे वैश्विक सुपरस्टार्स का कैटलॉग है, ने एनवीडिया के साथ मिलकर संगीत निर्माण को बदलने का फैसला किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ‘म्यूजिक फ्लेमिंगो’ (Music Flamingo) नामक एक एआई टूल विकसित करना है। एनवीडिया का दावा है कि यह तकनीक केवल धुनों या बीट्स को नहीं, बल्कि संगीत के भावनात्मक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी समझ सकेगी। इसका लक्ष्य श्रोताओं को नई संगीत खोजों में मदद करना है, जो सिर्फ शैली या गति (tempo) पर आधारित न होकर गानों की ‘कथा और भावना’ पर केंद्रित होगी।
कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे “एआई कचरे” (AI Slop)—जो कि आलोचकों द्वारा जेनेरेटिव एआई से बने साधारण संगीत के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है—से बचना चाहती हैं। इसके लिए एक ‘आर्टिस्ट इनक्यूबेटर’ बनाया जाएगा, जिसमें संगीतकार और निर्माता खुद शामिल होकर एआई टूल्स का परीक्षण करेंगे ताकि मौलिकता बनी रहे।
कानूनी विवादों के बीच एआई कलाकारों का उदय
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब संगीत उद्योग एआई कंपनियों के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। हाल के महीनों में वार्नर म्यूजिक ग्रुप और सोनी जैसी कंपनियों ने सुरा (Suno) और उडियो (Udio) जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स के साथ कानूनी लड़ाइयां खत्म करते हुए लाइसेंसिंग समझौते किए हैं। कॉपीराइट के उल्लंघन के आरोपों के बीच, अब कोशिश यह है कि कलाकारों की आवाज और पहचान का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना न हो।
वहीं दूसरी ओर, पूरी तरह से एआई द्वारा निर्मित कलाकार अब मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहे हैं। जानिया मोनेट (Xania Monet) और ब्रेकिंग रस्ट (Breaking Rust) जैसे एआई-जनित एक्ट्स ने बिलबोर्ड चार्ट्स में जगह बनाकर सबको चौंका दिया है। हालांकि, इसे लेकर विरोध भी कम नहीं है; केहलानी जैसे कलाकारों ने इसे संगीत का अपमान बताया है, जबकि टिकटॉक पर एआई गानों के वायरल होने का सिलसिला जारी है।
हार्डवेयर के क्षेत्र में ‘गीगाफैक्ट्री’ की तैयारी
मनोरंजन जगत से इतर, हार्डवेयर के मोर्चे पर भी एनवीडिया ने लेनोवो के साथ एक बड़ी घोषणा की है। लास वेगास में आयोजित CES कार्यक्रम के दौरान, लेनोवो ने ‘एआई क्लाउड गीगाफैक्ट्री’ (AI Cloud Gigafactory) की शुरुआत की। इस सहयोग का मकसद क्लाउड ऑपरेटर्स को ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर देना है जिससे एआई प्रोजेक्ट्स महीनों के बजाय हफ्तों में तैयार हो सकें। लेनोवो अपने क्लाउड प्रोसेसर्स में एनवीडिया के अत्याधुनिक ब्लैकवेल अल्ट्रा (Blackwell Ultra) चिप्स का उपयोग करेगा और आगामी वेरा रुबिन प्लेटफॉर्म को भी सपोर्ट करेगा, जिसके 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है।
बाजार की संभावनाएं और बढ़ती लागत
लेनोवो ने इस मौके पर ‘कीरा’ (Qira) नामक एक पर्सनल एआई सिस्टम और कई अन्य व्यावसायिक एआई टूल्स का भी अनावरण किया। पिछले तीन वर्षों में एआई की मांग ने लेनोवो के सर्वर और डेटा सेंटर व्यवसाय को काफी फायदा पहुंचाया है। हालांकि, भविष्य की राह पूरी तरह आसान नहीं है। कंपनी ने संकेत दिया है कि मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों के कारण 2026 में हार्डवेयर की लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है। इन चुनौतियों के बावजूद, एनवीडिया का यह दोहरा विस्तार साफ करता है कि भविष्य चाहे रचनात्मकता का हो या कंप्यूटिंग का, एआई उसकी धुरी बना रहेगा।