हैप्पी टीचर्स डे- इस शिक्षक दिवस को बनायें ख़ास,अपने गुरु का ऐसे करें सम्मान
शिक्षा

हैप्पी टीचर्स डे- इस शिक्षक दिवस को बनायें ख़ास,अपने गुरु का ऐसे करें सम्मान

शिक्षा: सभी की ज़िन्दगी में गुरुओं का बहुत ही महत्व पूर्ण स्थान होता हैं । शिक्षक ही तो हमें ज़िन्दगी में आगे बढ़ने का रास्ता दिखते हैं। शिक्षक के पास ज्ञान का भंडार होता हैं।  शिक्षक बिना कुछ लिए अपना सारा ज्ञान अपने शिष्यों को देकर उन्हें कामयाब और काबिल बताते हैं। गुरु को भगवान कि तरह माना जाता हैं।

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क्योंकि उनकी वजह से ही हमें समस्त ज्ञान की प्राप्ति होती हैं। गुरु का हमारी ज़िन्दगी में  बहुत ही एहम योगदान होता हैं ।गुरु की सिखाई हुई बातें  शिष्य कभी नहीं भुला पा सकते हैं। ज़िन्दगी के हर मोड़ पर गुरुओ कि दी गयी शिक्षा शिष्य के हमेशा हि काम आती हैं।  जिसके द्वारा शिष्य बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी मात देते में सफल हो जाता है। 

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गुरुओ की शिक्षा अनमोल होती हैं।  वह अपनी ज़िन्दगी में हमें ऐसी सीख देकर चले जाते हैं,  जिसके अनुभव का एहसास हमे ज़िदगी भर रहता है। गुरु शिष्यों को जमीन से आसमान तक पहुंचाने वाला एक फरिश्ता होता है। जिन्हें शायद ही कोई अपनी ज़िन्दगी में भुला सकता हो।

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  कल शिक्षक दिवस है। 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिन सभी छात्र अपनी ज़िन्दगी में गुरु द्वारा दी गयी शिक्षा के लिए उनका आभार वयक्त करते हैं । सभी छात्र अपना शुक्रिया अदा करने के लिए अपने शिक्षको के लिए कार्ड ,सन्देश,या उत्सव का आयोजन करते हैं ।

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वेसे तो शिक्षक के उपकार को छात्र ज़न्दगी भर नहीं चूका सकते मगर शिक्षक दिवस पर छात्र अपने शिक्षकों  के लिए तरह तरह के कार्ड और उनके  लिए पंक्तियों भरे सन्देश लिखकर उनका सम्मान और शुक्रिया करते है। 

कैसे हुई थी इसकी शुरुआत? 

इस पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है। एक बार उनके कुछ शिष्यों और दोस्तों  ने उनका जन्मदिन मनाने को लेकर विचार बनाया। इस पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा की मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की जगह यह शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जायेगा तो मझे  गर्व महसूस होगा।

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 तब से ही पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण की याद में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 

ऐसे करें अपने शिक्षक को खुश

माता-पिता के बाद गुरु का है स्थान
हमे आज भी है उन पर अभिमान 
वीरान ज़िन्दगी में उजाले की है किरण 
ज़मीन से पहुंचाते आसमान 

दे जाते हैं हमे ऐसा ज्ञान 
हमे बनाते हैं एक अच्छा इंसान 
जूझना सिखाते है जिंगदी की मुश्किलों से 
नहीं डगमगाते कदम फिर किसी भी उलझनों से

उलझी हुई जिंदगी में सुलझा हुआ पन्ना है वो 
मंजिल तक साथ न छोड़े वह फरिश्ता है वो 
गुरु साथ हैं  तो कितने आसान ये रस्ते
हमारे भविष्य के लिए थोड़े सख्त होते है वो   

लहरों के जाल से निकाला  जिसने 
ईमानदारी की राह चुनना सिखाया जिसने
बड़ों की इज़्ज़त हम करे हमेशा
ऐसा पाठ पढ़ाया जिसने   

ज्ञान हमेशा हैं रहता साथ 
किसी में नहीं देखी अपने गुरु जैसी बात

4 September, 2019

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